कार के डोर हैंडल पर दिखने वाला ये छोटा सा ब्लैक डॉट क्या करता है? ज्यादातर ड्राइवर नहीं जानते

Car Door Handle Black Dot: नई कारों के दरवाजे के हैंडल पर दिखने वाला छोटा सा ब्लैक डॉट एक छिपा हुआ टच सेंसर होता है. ये कीलेस एंट्री सिस्टम से जुड़ा रहता है. इससे चाबी निकाले बिना ही गाड़ी लॉक-अनलॉक हो जाती है. आइए डिटेल में समझते हैं आखिर ये फीचर काम कैसे करता है.

Car Door Handle Black Dot: आपने शायद कई बार नई गाड़ियों में एक छोटी-सी काली डॉट या स्क्वायर शेप की चीज दरवाजे के हैंडल पर देखी होगी. ये कोई डिजाइन का हिस्सा भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक स्मार्ट टेक्नोलॉजी काम करती है. आजकल की कई हैचबैक, SUV और प्रीमियम सेडान कारों में ये फीचर मिलता है. असल में ये कार के कीलेस एंट्री सिस्टम (Keyless Entry System) का हिस्सा होता है. इसका काम बेहद आसान लेकिन स्मार्ट है. आपको गाड़ी लॉक या अनलॉक करने के लिए चाबी निकालने की जरूरत नहीं पड़ती. आइए आपको इसके बारे में डिटेल में बताते हैं.

कार के डोर हैंडल पर काला डॉट क्या होता है?

कार के दरवाजे के हैंडल पर जो छोटा सा काला डॉट (black dot) दिखता है, असल में वो एक टच सेंसर या बटन होता है. ये कार के कीलेस एंट्री सिस्टम (keyless entry system) से जुड़ा होता है. आजकल Hyundai, Tata, Mahindra, Kia, Toyota, Honda जैसी कई कंपनियां अपने मिड और प्रीमियम मॉडल्स में ये फीचर देती हैं.

अब इसकी खास बात यह है कि आपको चाबी से बटन दबाने की जरूरत नहीं पड़ती. बस अगर आपकी स्मार्ट की (key fob) पास में है, तो आप उस काले डॉट को टच या प्रेस करते ही कार लॉक/अनलॉक हो जाती है. आसान शब्दों में कहें तो, ये छोटा सा डॉट कार को ये पहचानने में मदद करता है कि जो व्यक्ति दरवाजा खोल रहा है, वही असली मालिक है या नहीं.

ये फीचर कैसे काम करता है?

ये फीचर असल में एक छोटी-सी लेकिन बहुत स्मार्ट वायरलेस टेक्नोलॉजी पर काम करता है, जो आपकी कार और स्मार्ट की फॉब के बीच कनेक्शन बनाती है. जैसे ही आपकी की फॉब कार के करीब (आमतौर पर करीब 1 मीटर के अंदर) आती है, कार उसे पहचान लेती है और लॉक/अनलॉक सिस्टम एक्टिव हो जाता है.

अब मजेदार बात ये है कि कई कारों में आपको चाबी निकालने की भी जरूरत नहीं पड़ती. बस दरवाजे के हैंडल को छूते ही कार अनलॉक हो जाती है, और वहीं मौजूद छोटे से ब्लैक डॉट को टच करते ही वो फिर से लॉक भी हो जाती है. कुछ मॉडल्स तो और भी आगे जाते हैं. जैसे ही आप पास आते हैं, मिरर्स अपने आप खुल जाते हैं और वेलकम लाइट्स जल उठती हैं.

सुनने में भले ये एक छोटी सुविधा लगे, लेकिन असल जिंदगी में इसका फायदा खासकर तब होता है जब आपके हाथों में ग्रोसरी बैग हों, भारी लगेज हो या आप ट्रैवल कर रहे हों और जल्दी में हों.

ड्राइवरों को इसके बारे में क्यों जानना चाहिए?

कई लोग रोज अपनी कार की की-फॉब (key fob) के बटन यूज करते हैं, लेकिन उन्हें ये पता ही नहीं होता कि दरवाजे के हैंडल पर ही एक आसान और तेज तरीका पहले से मौजूद है. यानी बिना बटन दबाए भी कई बार गाड़ी को लॉक-अनलॉक किया जा सकता है.

इस छोटे से ब्लैक डॉट या सेंसर की जानकारी होने से आप बेवजह घबराने से भी बच जाते हैं. जैसे अगर कभी की-फॉब की बैटरी कमजोर लगे, तो आपको तुरंत टेंशन लेने की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि भीड़-भाड़ वाली जगहों पर थोड़ा अलर्ट रहना जरूरी है. स्मार्ट एंट्री सिस्टम भले ही सेफ होते हैं, फिर भी हमेशा अपनी कार ठीक से लॉक करें और घर पर चाबी को दरवाजे के बहुत पास न रखें.

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Published by: Ankit Anand

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