Car AC: अगर अभी से आपकी कार का AC थोड़ा कमजोर लग रहा है, तो इसे हल्के में मत लीजिए. क्योंकि असली परेशानी तब होती है जब पीक गर्मी शुरू हो जाती है. तेज धूप और भारी ट्रैफिक में अगर AC सही से कूलिंग ना करे, तो सफर काफी मुश्किल हो जाता है. अक्सर लोग शुरुआत में इस छोटी सी दिक्कत को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बाद में यही समस्या बड़ी बन जाती है. इसलिए बेहतर है कि समय रहते ही इसे ठीक करा लिया जाए. अब सवाल है कि शुरुआत कहां से करें? आइए आपको बताते हैं.
केबिन फिल्टर चेक करें
सबसे पहले एयरफ्लो पर ध्यान दें. कई बार AC के कमजोर होने की वजह कूलिंग नहीं, बल्कि हवा का सही से ना पहुंचना होता है. इसका सबसे आम कारण होता है गंदा केबिन फिल्टर. जब ये जाम हो जाता है, तो हवा का फ्लो कम हो जाता है. आपने भी नोटिस किया होगा कि AC फुल पर चल रही होती है, लेकिन केबिन फिर भी ठंडा नहीं होता. ऐसे में फिल्टर बदलना एक आसान और सस्ता समाधान है.
सिर्फ गैस की कमी समझने की गलती न करें
अक्सर लोग AC की कूलिंग कम होते ही सबसे पहले गैस भरवाने के बारे में सोचते हैं. ये इजी सलूशन लगता है, लेकिन हर बार सही नहीं होता. सच ये है कि रेफ्रिजरेंट अपने आप कम नहीं होता. अगर कम हो रहा है, तो कहीं न कहीं लीकेज जरूर है. बिना लीकेज ठीक कराए सिर्फ गैस भरवाना बस थोड़े समय की राहत देता है. कुछ दिनों तक कूलिंग ठीक लगती है, फिर वही प्रॉब्लम वापस आ जाती है.
बड़े कंपोनेंट्स को चेक करें
जब छोटे-मोटे उपाय काम नहीं आते, तो समझ लीजिए कि समस्या थोड़ी गहरी है. ऐसे में बड़े कंपोनेंट्स को चेक करना जरूरी हो जाता है. सबसे पहले बात कर लेते हैं कंप्रेसर की. इसे आप AC का दिल भी समझ सकते हैं. अगर ये कमजोर पड़ जाए, तो कूलिंग साफ तौर पर कम हो जाती है. इसके अलावा कंडेंसर पर भी ध्यान दें, क्योंकि अगर उस पर धूल-मिट्टी जम गई हो, तो हीट सही तरीके से बाहर नहीं निकल पाती. आखरी चीज है कूलिंग फैन. इसे भी नजरअंदाज न करें. खासतौर पर जब आप शहर के ट्रैफिक में धीरे-धीरे गाड़ी चला रहे हों, तब ये बहुत मेन रोल निभाता है.
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