आपने शायद ये बात पहले भी सुनी होगी कि अगर आप गाड़ी चलाते समय चप्पल पहनते हैं, तो ट्रैफिक पुलिस आपको रोककर चालान काट सकती है. बहुत से लोग इसे सच भी मान लेते हैं. लेकिन असल सच्चाई ये है कि ये एक पूरी तरह से मिथ है. असल में ट्रैफिक नियमों में ऐसा कोई कानून नहीं है जो सिर्फ चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर चालान काटने की बात करता हो. यानी अगर कोई ड्राइवर जूते की जगह चप्पल पहनकर गाड़ी चला रहा है, तो सिर्फ इसी वजह से उसे फाइन नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि Motor Vehicles Act में इसका कोई साफ नियम नहीं है.
इन 5 चीजों पर नहीं कट सकता आपका चालान
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के ऑफिस की 25 सितंबर 2019 की एक ऑफिसियल पोस्ट के मुताबिक, मोटर व्हीकल एक्ट में चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर न तो चालान काटने का कोई नियम है और न ही इसके लिए कोई जुर्माना लगाने का. इस पोस्ट में साफ कहा गया था कि कुछ चीजों पर चालान का कोई नियम नहीं है, जैसे:
- हाफ स्लीव शर्ट पहनकर गाड़ी चलाना
- लुंगी और बनियान पहनकर ड्राइव करना
- गाड़ी में एक्स्ट्रा बल्ब न रखना
- गाड़ी के शीशे (विंडशील्ड) का गंदा होना
- चप्पल (फ्लिप-फ्लॉप) पहनकर गाड़ी चलाना
ड्राइविंग में जूते क्यों हैं चप्पल से ज्यादा सेफ?
जूते ड्राइविंग के दौरान बेहतर ग्रिप, स्टेबिलिटी और कंट्रोल देते हैं, जबकि चप्पल या सैंडल में ऐसा नहीं होता. जूते पहनकर आप ब्रेक और एक्सीलरेटर पर ज्यादा भरोसे के साथ पैर रख पाते हैं, खासकर तब जब अचानक रिएक्शन देना हो. सही फुटवियर होने से पैडल पर एक जैसा और सटीक प्रेशर बनता है, जिससे गाड़ी को कंट्रोल करना आसान हो जाता है. वहीं चप्पल अक्सर फिसल जाती हैं, पैर से हट सकती हैं या कभी-कभी पैडल में फंस भी सकती हैं. इसलिए इमरजेंसी या अनएक्सपेक्टेड सिचुएशन में चप्पल के मुकाबले जूते ज्यादा सेफ होते हैं.
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