CORONA Effect: ज्यादा डिमांड के बीच ग्रॉसरी स्टार्टअप बिगबास्केट का ऐप और वेबसाइट क्रैश

BigBasket app and website crash due to surge in demand: कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) के बीच उम्मीद से ज्यादा मांग बढ़ने की वजह से ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टार्टअप बिगबास्केट का ऐप और वेबसाइट दोनों क्रैश (BigBasket app and website crash) हो गया.

BigBasket app and website crash due to surge in demand: कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) के बीच उम्मीद से ज्यादा मांग बढ़ने की वजह से ऑनलाइन ग्रॉसरी स्टार्टअप बिगबास्केट का ऐप और वेबसाइट दोनों क्रैश (BigBasket app and website crash) हो गया.

बिगबास्केट ने कहा, बहुत ज्यादा लोड की वजह से हम अपनी वेबसाइट का एक्सेस सिर्फ मौजूदा ग्राहकों के लिए ही सीमित कर रहे हैं. कंपनी ने ग्राहकों को कुछ घंटे बाद फिर से कोशिश करने की सलाह दी है.

गौरतलब है, देश के 30 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों के 548 जिलों में लॉकडाउन (lockdown) है. कोरोना के चलते ग्राहक घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं. ऐसे में वे ग्रोफर्स (grofers) और बिगबास्केट (BigBasket) जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से जरूरी चीजें खरीद रहे हैं.

ई-कॉमर्स कंपनियां ग्रॉसरी खरीदने पर ग्राहकों को ज्यादा डिस्काउंट देती हैं. यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में ग्राहकों के बीच इन ई-कॉमर्स कंपनियों की लोकप्रियता बढ़ी है.

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Author: Rajeev Kumar

Published by: Prabhat Khabar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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