नई Bajaj Pulsar 125 अपने पुराने मॉडल से कितनी अलग है? जानें क्या-क्या हुए बदलाव

देश में नई Bajaj Pulsar 125 को लॉन्च कर दिया गया है. यह पॉपुलर बाइक अपने पुराने मॉडल से कितनी अलग है? इस आर्टिकल में जानिए इंजन, चेसिस, सस्पेंशन, और फीचर्स में हुए बदलावों का पूरा कंपैरिजन.

देश में N125 के बंद होने के बाद, पल्सर 125 (Bajaj Pulsar 125) ने फिर से सबसे किफायती पल्सर मॉडल के रूप में ध्यान खींचा है और बजाज ने इसे पूरी तरह से नया बना दिया है. इंजन, फ्रेम और सस्पेंशन में कुछ बड़े बदलाव साफ देखने को मिलते हैं. हालांकि, पहले के दो वेरिएंट्स के मुकाबले अब चार वेरिएंट्स आने से नई पल्सर 125 पुरानी से कितनी अलग है? आइए जानते हैं.

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: इंजन

नई पल्सर 150 की तरह ही, नई पल्सर 125 का इंजन पहली नजर में पुराने जैसा दिखता है, लेकिन ऐसा नहीं है. नए इंजन के पावर में मामूली बढ़ोतरी हुई है और बजाज ने पहले जितने rpm पर ही थोड़ा ज्यादा पावर और टॉर्क निकाला है. बजाज का दावा है कि 3,000rpm से ही 80 परसेंट टॉर्क मिलने लगता है. कागज पर यह बदलाव भले ही छोटा लगे, लेकिन शहर में आसानी से चलाने के हिसाब से यह काफी अच्छा है.

नई पल्सर 150 के ऑयल-कूल्ड इंजन मिला, लेकिन 125 में एयर-कूल्ड इंजन ही दिया गया है. इसमें 5-स्पीड गियरबॉक्स मिलता है, लेकिन बजाज का दावा है कि कम स्पीड में बेहतर कंट्रोल के लिए गियरबॉक्स को अपग्रेड किया गया है. इसका पावर-टू-वेट रेशियो और पिकअप पहले से बेहतर बताया जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि टेस्ट राइड के बाद ही हो पाएगी.

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: चेसिस, हेडलाइट और सस्पेंशन

नए बदलावों के तहत बजाज ने नई पल्सर 125 का चेसिस और सस्पेंशन सेटअप बदल दिया है. पुराने डुअल-क्रैडल फ्रेम की जगह अब आसान सिंगल-क्रैडल या डायमंड फ्रेम दिया गया है, जिसमें इंजन स्ट्रेस्ड मेम्बर की तरह काम करता है. बजाज का कहना है कि इससे बाइक को बेहतर मजबूती, राइडिंग कंट्रोल और स्टेबिलिटी मिलती है.

सामने का फोर्क टेलीस्कोपिक ही है, लेकिन नई पल्सर 125 में इसकी मोटाई 1mm बढाकर 31mm कर दी गई है, हालांकि ट्रैवल 10mm घटाकर 125mm किया गया है. वहीं पीछे के सस्पेंशन में सुधार करते हुए पुराने ट्विन-शॉक की जगह नया मोनोशॉक दिया गया है और ट्रैवल 8mm बढाकर 110mm कर दिया गया है. कंपनी का दावा है कि इस नए मोनोशॉक से कॉर्नरिंग और सीधी सडक पर स्टेबिलिटी बेहतर होगी.

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लाइटिंग सेटअप में भी हल्का बदलाव हुआ है. हेडलाइट और टेल-लाइट पहले की तरह LED ही हैं, लेकिन फेयरिंग की डिजाइन में थोडा बदलाव किया गया है. चार वेरिएंट्स में से LED इंडिकेटर और हैजार्ड लाइट्स सिर्फ टॉप तीन वेरिएंट्स में मिलते हैं, जबकि बेली पैन सिर्फ सबसे महंगे टॉप वेरिएंट में स्टैंडर्ड आता है.

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: टायर्स और ब्रेक्स

नई पल्सर 125 में टायरों का साइज पहले जैसा ही है, लेकिन बजाज ने टॉप तीन वेरिएंट्स में आगे के डिस्क ब्रेक का साइज बढ़ा दिया है. इसमें ABS नहीं मिलता है, उसकी जगह कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) स्टैंडर्ड दिया गया है.

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Bajaj Pulsar 125 New vs Old: फीचर्स

फीचर्स के मामले में सबसे बडा बदलाव इसका इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है. बेस वेरिएंट में 5-इंच का LCD क्लस्टर और मिड व टॉप वेरिएंट्स में 5-इंच का TFT क्लस्टर दिया गया है. स्टैंडर्ड ब्लूटूथ की वजह से चारों वेरिएंट्स में म्यूजिक कंट्रोल, कॉल और SMS अलर्ट जैसे फीचर्स मिलते हैं, हालांकि Wi-Fi सिर्फ टॉप वेरिएंट में दिया गया है. Wi-Fi की मदद से सिर्फ टॉप वेरिएंट में गूगल मैप्स नेविगेशन मिलता है, जबकि बाकी में टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन दिया गया है.

इसके TFT क्लस्टर में लाइसेंस और RC जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट सेव किए जा सकते हैं. फोन चार्ज करने के लिए पुराना USB टाइप-A हटाकर नया USB टाइप-C पोर्ट दिया गया है, हालांकि बेस वेरिएंट में इसके लिए अलग से पैसे देने होंगे. तीनों राइड मोड्स (रोड, रेन, स्पोर्ट्स) सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड मिलते हैं. इसके अलावा शहर के ट्रैफिक को आसान बनाने के लिए क्रॉल टेक और साइलेंट स्टार्ट (ISG) का फीचर भी दिया गया है. ISG फीचर टॉप तीन वेरिएंट्स में मिलता है जो बिना आवाज के बाइक स्टार्ट करता है और ट्रैफिक में फ्यूल बचाने में मदद करता है.

Bajaj Pulsar 125 New vs Old: कीमत

इन नए बदलावों और फीचर्स के साथ नई पल्सर 125 के बेस वेरिएंट की कीमत 92,900 रुपये से शुरू होकर टॉप वेरिएंट के लिए 1.04 लाख रुपये तक जाती है. यह पुराने मॉडल की कीमत से काफी ज्यादा है. नई पल्सर 125 लगभग हर मामले में आगे बढ़ी है, लेकिन बढ़ी हुई कीमत कितनी सही है, इसका पता टेस्ट राइड लेने के बाद ही चलेगा.


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By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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