Bajaj Freedom 125 CNG+Petrol की वो 5 खासियतें, जो उसे बनाते हैं डेली यूज के लिए बेहतर बाइक

बढ़ते पेट्रोल दामों के बीच बजाज फ्रीडम 125 CNG+पेट्रोल बाइक एक शानदार ऑप्शन है. यह दुनिया की पहली ऐसी बाइक है जो CNG और पेट्रोल दोनों ईंधनों पर चलती है. इसकी 5 खासियतों को जानकर आप इसे अपनी अगली बाइक बना सकते हैं.

भारतीय टू-व्हीलर बाजार में बजाज फ्रीडम 125 (Bajaj Freedom 125) दुनिया की पहली ऐसी बाइक है जो CNG और पेट्रोल दोनों से चलती है. लगातार बढते पेट्रोल के दामों के बीच यह बाइक उन लोगों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं. अगर आप भी अपने डेली यूज के लिए एक ऐसी बाइक ढूंढ रहे हैं जो जेब पर भारी न पड़े और चलाने में भी आसान हो, तो बजाज फ्रीडम 125 CNG पावर्ड की ये 5 खासियतें जानना आपके लिए बेहद जरूरी है.

Bajaj Freedom 125: डबल फ्यूल ऑप्शन (CNG और पेट्रोल)

इस बाइक की सबसे मुख्य खासियत इसका डुअल-फ्यूल सिस्टम है. इसमें 2 किलोग्राम क्षमता का CNG सिलेंडर और 2 लीटर का पेट्रोल टैंक दिया गया है. राइडर हैंडल पर दिए गए एक बटन से चलती बाइक में भी CNG से पेट्रोल या पेट्रोल से CNG पर आसानी से स्विच कर सकता है. पेट्रोल टैंक इमरजेंसी के समय काफी काम आता है जब आसपास CNG स्टेशन न हो.

Bajaj Freedom 125: शानदार रेंज और लो रनिंग कॉस्ट

डेली राइड के लिए माइलेज और रनिंग कॉस्ट सबसे अहम होती है. बजाज फ्रीडम 125 1kg CNG में लगभग 102 किमी की रेंज देती है, जबकि 2 लीटर पेट्रोल में लगभग 130 किमी चलती है. दोनों को मिलाकर यह बाइक एक बार फुल टैंक और फुल सिलेंडर में लगभग 330 किमी तक की दूरी तय कर सकती है. इससे प्रति किलोमीटर चलने का खर्च पेट्रोल बाइक के मुकाबले आधा हो जाता है.

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Bajaj Freedom 125: दमदार इंजन और सेफ डिजाइन

इस बाइक में 125cc का सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया गया है, जो 9.5 PS की पावर और 9.7 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. शहर के ट्रैफिक में चलने के लिए यह पावर बिल्कुल परफेक्ट है. सुरक्षा के मामले में बजाज ने इसके CNG सिलेंडर को ट्रेलिस फ्रेम के बीच में सीट के नीचे सुरक्षित जगह पर लगाया है, जो 11 तरह के हार्ड सेफ्टी टेस्ट पास कर चुका है.

Bajaj Freedom 125: सेगमेंट की सबसे लंबी सीट और बेहतरीन कम्फर्ट

डेली यूज में आराम का ध्यान रखते हुए बजाज ने इसमें 785mm की सबसे लंबी सीट दी है. यह सीट न सिर्फ राइडर और पीछे बैठने वाले पैसेंजर को पूरा स्पेस देती है, बल्कि इस पर छोटा-मोटा सामान भी आसानी से रखा जा सकता है. इसके अलावा रियर में लगा लिंक-टाइप मोनोशॉक सस्पेंशन खराब रास्तों के झटकों को आसानी से झेल लेता है.

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Bajaj Freedom 125: मॉडर्न फीचर्स और डिजिटल कंसोल

बाइक को हाइटेक बनाने के लिए इसमें ऑल-LED हेडलाइट, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के साथ डिजिटल स्पीडोमीटर, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल और मैसेज अलर्ट और फोन चार्ज करने के लिए USB पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं. यह फीचर्स रोजाना के सफर को काफी आसान और मजेदार बना देते हैं.

डेली यूज के लिए क्यों है बेस्ट?

कम रनिंग कॉस्ट, लंबी सीट, सुरक्षा और आधुनिक फीचर्स का यह कॉम्बिनेशन बजाज फ्रीडम 125 को रोजमर्रा के कामों और ऑफिस आने-जाने के लिए एक परफेक्ट और किफायती बाइक बनाता है.


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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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