₹10 लाख से कम बजट में ऑटोमैटिक कार खरीदने का है प्लान? शहर के लिए ये मॉडल बने पहली पसंद, CNG और SUV का भी मिलेगा ऑप्शन

शहर की भीड़भाड़ वाली ड्राइविंग से परेशान हैं? ₹10 लाख से कम में कई शानदार ऑटोमैटिक कारें उपलब्ध हैं, जिनमें हैचबैक, कॉम्पैक्ट SUV और CNG विकल्प शामिल हैं. जानें कौन सी कारें आपके लिए बेस्ट रहेंगी.

अगर आप रोजाना शहर के ट्रैफिक में घंटों ड्राइव करते हैं और बार-बार क्लच दबाने से परेशान हो चुके हैं, तो अब कम बजट में भी आपके पास कई शानदार ऑटोमैटिक कारों के विकल्प मौजूद हैं. पिछले कुछ समय में ₹10 लाख से कम कीमत वाली ऑटोमैटिक कारों की मांग तेजी से बढ़ी है. वजह सिर्फ ड्राइविंग का आराम नहीं, बल्कि बेहतर माइलेज, कम रनिंग कॉस्ट और नये फीचर्स भी हैं. खास बात यह है कि अब इस बजट में हैचबैक, कॉम्पैक्ट SUV और CNG ऑटोमैटिक जैसी कई कैटेगरी उपलब्ध हैं, जिससे खरीदार अपनी जरूरत के हिसाब से सही विकल्प चुन सकते हैं.

शहर की ड्राइविंग के लिए ऑटोमैटिक कारें क्यों बन रही हैं पहली पसंद?

मेट्रो और बड़े शहरों में बढ़ते ट्रैफिक ने ऑटोमैटिक कारों की लोकप्रियता बढ़ा दी है. पहले ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन सिर्फ महंगी कारों तक सीमित था, लेकिन अब ₹10 लाख से कम कीमत में भी कई मॉडल उपलब्ध हैं. ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन की वजह से ड्राइविंग आसान होती है और बार-बार गियर बदलने की जरूरत नहीं पड़ती. यही कारण है कि पहली बार कार खरीदने वाले और फैमिली यूजर्स भी अब ऑटोमैटिक मॉडल को ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

CNG और ऑटोमैटिक का नया कॉम्बिनेशन बना आकर्षण

अब सिर्फ पेट्रोल ही नहीं, बल्कि CNG के साथ ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन भी मिलने लगा है. टाटा मोटर्स की टियागो, अल्ट्रोज और पंच जैसी कारें फैक्ट्री-फिटेड CNG के साथ ऑटोमैटिक विकल्प देती हैं. इन कारों का माइलेज 26 किमी/किलोग्राम से ज्यादा तक पहुंच सकता है, जिससे ईंधन खर्च काफी कम हो जाता है.

वहीं निसान मैग्नाइट में CNG रेट्रोफिट का विकल्प मौजूद है, हालांकि फैक्ट्री-फिटेड CNG सिस्टम वारंटी और बेहतर इंटीग्रेशन के लिहाज से ज्यादा भरोसेमंद माना जाता है. बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच CNG-AMT कॉम्बिनेशन बजट खरीदारों के लिए आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है.

SUV लुक और ऊंची ड्राइविंग पोजिशन भी मिल रही है

अगर आपको SUV जैसी रोड प्रेजेंस पसंद है, तो इस बजट में भी कई विकल्प मौजूद हैं. टाटा पंच और हुंडई एक्सटर ऐसे मॉडल हैं जो ऊंचा ग्राउंड क्लीयरेंस, बेहतर सीटिंग पोजिशन और दमदार डिजाइन के साथ आते हैं.

टाटा पंच में 193 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस और 5-स्पीड AMT मिलता है, जबकि हुंडई एक्सटर में पैडल शिफ्टर, आधुनिक केबिन और कई एडवांस फीचर्स दिए गए हैं. यही वजह है कि छोटे परिवार और शहर के खरीदार इन कॉम्पैक्ट SUV की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं.

हैचबैक सेगमेंट अब भी बना हुआ है भरोसेमंद विकल्प

अगर आपकी प्राथमिकता कम मेंटेनेंस, बेहतर माइलेज और मजबूत सर्विस नेटवर्क है, तो मारुति सुजुकी बलेनो और मारुति डिजायर AMT आज भी सबसे मजबूत विकल्पों में शामिल हैं. डिजायर करीब 25.7 किमी प्रति लीटर तक का माइलेज देने का दावा करती है, जबकि बलेनो अपने प्रीमियम इंटीरियर, स्मूद ऑटोमैटिक ड्राइविंग और कम सर्विस कॉस्ट के लिए जानी जाती है.

इन कारों की रीसेल वैल्यू भी अच्छी रहती है, इसलिए पहली कार खरीदने वाले ग्राहकों के बीच इनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है.

आने वाले समय में और बढ़ेगा मुकाबला

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की मौजूदा दिशा को देखें तो अगले दो वर्षों में ₹10 लाख से कम कीमत वाले सेगमेंट में और भी फैक्ट्री-फिटेड CNG ऑटोमैटिक और हाइब्रिड मॉडल देखने को मिल सकते हैं. दूसरी तरफ अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित होता है, तो टाटा टियागो EV और MG कॉमेट EV जैसी किफायती इलेक्ट्रिक कारें भी इस सेगमेंट में मजबूत चुनौती पेश कर सकती हैं.

इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा, क्योंकि बाजार में ज्यादा विकल्प, बेहतर टेक्नोलॉजी और प्रतिस्पर्धी कीमतें देखने को मिलेंगी.


ये भी पढ़ें: Renault Kwid और Maruti Alto K10 में बेहतर कौन? पहली कार खरीदने से पहले जरूर देख लें यह कम्पैरिजन


ये भी पढ़ें: ₹20 लाख का बजट और परफेक्ट फैमिली कार की तलाश : Tata Curvv EV लें या नई Tata Sierra EV?


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >