Aurangabad News : सूरज के तल्ख तेवर व गर्मी से लोगों का जीना मुहाल

Aurangabad News: छाता, चश्मा, अंगोछा के साथ सत्तू व शिकंजी बना लोगों का सहारा

औरंगाबाद सदर. सूरज के तल्ख तेवर से गर्मी का सितम बढ़ता जा रहा है. क्षेत्र में उमस भरी गर्मी से लोग हलकान हैं. लगातार बढ़ रही गर्मी से लोगों का जीना मुहाल होता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों से पड़ रही गर्मी से लोगों का दोपहर के समय घरों से बाहर निकला मुश्किल हो गया है. दोपहर के समय चलने वाली लू से सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को दिक्कत हो रही है. दोपहर के समय बाजार सुनसान हो जा रहा है. स्थानीय लोगों द्वारा भीषण गर्मी से बचने के लिए छाता, चश्मा, अंगोछा का सहारा लिया जा रहा है. सड़कों पर राहगीर भी कम नजर आ रहे हैं. शाम को गर्मी में थोड़ी कमी के बाद लोग सड़क पर नजर आए. एक सप्ताह पहने हुई छिटपुट बारिश के बाद लोग अब एक बार फिर बारिश की दुआ कर रहे हैं, ताकि मौसम में ठंडक आये और उन्हें गर्मी से कुछ राहत मिले. वहीं, गर्मी के चलते खेती भी प्रभावित हो रही है. गर्मी से बचाव के लिए लोग आम पन्ना, सत्तू, बेल का शरबत व शिकंजी का सहारा ले रहे हैं. शहर में लोग सड़कों पर शीतल पेय पदार्थों का सेवन करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

आज 41 डिग्री रहेगा तापमान

सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं अब लगातार गर्मी में इजाफा होगा. यानी मौसम का पारा अब ऊपर चढ़ता ही जायेगा. मंगलवार को भी 41 डिग्री व बुधवार को तापमान 40 डिग्री रहेगा. अब गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है. ऐसे में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए ध्यान रखना होगा.

हीट स्ट्रोक की चपेट में हर साल आता है औरंगाबाद

औरंगाबाद बिहार के सबसे गर्म जिलों में से एक है. दक्षिणी बिहार में गया व औरंगाबाद को बेहद गर्म माना जाता है. यहां अन्य जिलों की तुलना में अधिक गर्मी पड़ती है. हर साल यह जिला हीट स्ट्रोक की चपेट में पड़ता है और दर्जनों लोगों की जान जाती है. पिछले कई सालों से हिट स्ट्रोक के कारण अब तक सैकड़ो लोगों की मौत हो चुकी है. हर साल दर्जनों लोगों की मौत होती है. इस बार भी प्रचंड गर्मी पड़ने वाली है. ऐसे में लोगों को अपना बचाव के लिए सचेत रहना होगा. ताकि हीट स्ट्रोक की जद में लोग न आएं.

बदलते मौसम व गर्मी से बीमार हो रहे लोग

लगातर बढ़ रही गर्मी को लेकर फिजिसियन व बिहार आरोग्यम दाऊदनगर के निदेशक डॉ विमलेंदु कुमार विमल का कहना है कि अधिक गर्मी व उमस से शारीरिक क्षमता कम हो जाती है. पसीने के साथ साथ शरीर के लिए आवश्यक तत्व भी निकल जाते हैं, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है. तापमान अधिक होने पर धूप में निकलने व लंबे समय तक बाहर रहने से बचें. सुबह 11 से शाम चार बजे तक धूप में जाने से परहेज करें. गर्मियों में पानी की जरूरत सर्दियों के मुकाबले ज्यादा होती है. ऐसे में दिन में पांच लीटर से कम पानी न पिएं.गर्मी में उमस के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है. शरीर को ठंडा रखें. तेल और मसालेदार युक्त भोजन से परहेज करें.

त्वचा का रखें खास ख्याल : डॉ आशीष

गर्मी को देखते हुए शहर के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ आशीष कुमार ने कहा कि गर्मी में त्वचा की देखभाल बेहद जरूरी है. गर्मी में घर से बाहर निकलते समय छतरी का उपयोग करें. कपड़े से अपना चेहरा ढक कर रखे. धूप में निकलें तो चेहरे पर बिना सनस्क्रीन लगाए न निकलें. दिन में दो बार त्वचा को ठंडे पानी से साफ करें. मॉइश्चराइजर का नियमित उपयोग करें. खूब पानी पियें और बॉडी को हाइड्रेटेड रखें.

इन बातों का रखेंं ध्यान

पेय पदार्थ का सेवन करें :

खूब पानी पिएं, खासकर लस्सी, छाछ, नमक-चीनी का घोल और फलों के जूस जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें.

आरामदायक कपड़े पहनें:

हल्के और सांस लेने योग्य कपड़े पहनें.

धूप से बचें :

दिन के सबसे गर्म समय में घर के अंदर रहने की कोशिश करें.

स्वस्थ आहार लें :

अपने भोजन में कच्चा प्याज, सत्तू, पुदीना, सौंफ और खस जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें.

सावधान रहें:

यदि आपको गर्मी के लक्षण महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

सदर अस्पताल में बढ़ायी जा रही व्यवस्था : उपाधीक्षक

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सुरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हीट वेब को देखते हुए सदर अस्पताल में डेडिकेटेड वार्ड बनाया गया है. तमाम वार्डों में एसी लगाये गये है. जो एसी किसी न किसी वजह से काम नहीं कर रहे थे उनका रिपेयरिंग कराया जा रहा है. हर परिस्थिति से निपटने के लिए अस्पताल की टीम तत्पर है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >