नई Audi Q3 की बुकिंग शुरू, ₹1 लाख में करें बुक, BMW X1 और GLA को देगी टक्कर, जानें खासियतें

Audi Q3 की बुकिंग शुरू हो चुकी है. कस्टमर्स इसे 1 लाख रुपये देकर बुक कर सकते हैं. ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से बुकिंग की जा सकती है. आइए इसके बारे में जानते हैं.

ऑडी इंडिया ने भारत में तीसरी पीढ़ी यानि थर्ड जनरेशन की Audi Q3 के लिए बुकिंग शुरू कर दी है. त्योहारों के सीजन में होने वाली इसकी आधिकारिक लॉन्चिंग की दिशा में यह कंपनी का पहला स्टेप है. ग्राहक audi.in, myAudi कनेक्ट ऐप या डीलरशिप के जरिए 1 लाख रुपये देकर इसकी ऑनलाइन या ऑफलाइन बुकिंग कर सकते हैं. ऑडी की SUV लाइनअप में एंट्री करने की सोच रहे खरीदारों के लिए अब यह नई Q3 सिर्फ एक झलक भर नहीं है, बल्कि BMW X1 और मर्सिडीज-बेंज GLA को टक्कर देने के लिए आने वाली इस हाइटेक कार को खरीदने का मौका है. आधिकारिक तौर पर इसकी कीमत का खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन अनुमान के मुताबिक इसकी एक्स-शोरूम कीमत 48 लाख रुपये से 60 लाख रुपये के बीच हो सकती है.

2026 Audi Q3: बुकिंग कैसे करें?

1 लाख रुपये की बुकिंग राशि ऑनलाइन या किसी भी ऑडी इंडिया डीलरशिप के जरिए दी जा सकती है. इससे त्योहारों के सीजन में शोरूम में कार आने से पहले आपको डिलीवरी की लाइन में प्राथमिकता मिल जाएगी. ऑडी ने अभी तक इसके वेरिएंट्स, भारत में आने वाले इंजन या डिलीवरी की तारीखों की पूरी जानकारी साझा नहीं की है.

हालांकि, भारतीय मॉडल में 2.0-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन मिलने की सबसे ज्यादा उम्मीद है, जो 204 bhp की पावर और 320 Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसमें 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन मिलेगा. इसके अलावा क्वाट्रो ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) केवल टॉप-मॉडल में मिलने के बजाय सभी वेरिएंट्स में स्टैंडर्ड मिल सकता है.

शुरुआती बुकिंग करने वालों के लिए सबसे बड़ा फायदा गाड़ियों की प्राथमिकता से डिलीवरी मिलना हो सकता है, क्योंकि पुरानी Q3 बिना किसी बड़े बदलाव के सालों से बिक रही थी और इस नए मॉडल की मांग शुरुआती महीनों में काफी ज्यादा रहने की उम्मीद है.

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2026 Audi Q3: डिजाइन और केबिन में क्या बदला है?

यह नई जनरेशन पुराने मॉडल के मुकाबले साइज और डिजाइन के मामले में एक बडा बदलाव है. इसकी लंबाई 4,531mm, चौड़ाई 1,859mm, ऊंचाई 1,623mm और व्हीलबेस 2,681mm है, जो हर मामले में पुरानी कार से बड़ी है.

अंदर की तरफ, केबिन में 12.8-इंच का टचस्क्रीन और 11.9-इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले मिलता है. गियर बदलने के लिए कंसोल के बजाय स्टीयरिंग के पास स्टॉल-माउंटेड गियर सेलेक्टर दिया गया है.

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इसके अलावा सोनोस साउंड सिस्टम, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और 488-लीटर का बूट स्पेस मिलता है. ऑडी ने सभी फीचर्स को टचस्क्रीन में डालने के बजाय सेंटर कंसोल पर जरूरी कामों के लिए फिजिकल बटन भी दिए हैं, जिससे गाड़ी चलाते समय इन्हें इस्तेमाल करना आसान रहता है.

खरीदारों के लिए इसका क्या मतलब है?

इस सेगमेंट में खरीदारी करने वाले भारतीय ग्राहकों के लिए सेगमेंट में पहली बार मिलने वाला AWD, बिग साइज और नया केबिन सबसे खास बात है. आज से शुरू हुई यह बुकिंग विंडो तो बस पहला स्टेप है, लॉन्च के वक्त ही इसकी सही कीमत और वेरिएंट्स की पूरी जानकारी सामने आएगी.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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