Illegal Car Modifications: कई कार ओनर्स अपनी गाड़ी को पर्सनल टच देने के लिए मॉडिफाई करना पसंद करते हैं. इसमें अपना एक अलग ही मजा है. लेकिन भारत में कुछ ऐसे पॉपुलर मॉडिफिकेशन हैं जो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत गैरकानूनी माने जाते हैं. अगर आपने इन्हें कराया है, तो ट्रैफिक पुलिस आपको रोककर मौके पर ही चालान काट सकती है. इसलिए आइए डिटेल में जानते हैं कि आखिर कौन-कौन से मॉडिफिकेशन आपको मुसीबत में डाल सकते हैं.
तेज आवाज वाले और हॉर्न
प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न या फिर ऐसे मल्टी-टोन हॉर्न जो गाना या अलग-अलग आवाजें निकालते हैं, अब पूरी तरह बैन कर दिए गए हैं. मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक सिर्फ वही हॉर्न यूज किया जा सकता है जो एक साफ और सिंगल आवाज देता हो और तय डेसिबल लिमिट के अंदर हो. मतलब, सड़क पर जरूरत से ज्यादा तेज या ड्रामेटिक हॉर्न बजाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि इससे दूसरे ड्राइवरों का ध्यान भटक सकता है. इससे हादसे होने के भी चांस बढ़ जाते हैं.
डिजाइनर या फैंसी नंबर प्लेट्स
स्टाइलिश फॉन्ट यूज करना, तय नियमों से अलग रंग का बैकग्राउंड लगाना, नंबर प्लेट पर स्टिकर लगाकर उसे ढकना या फिर गैर-मानक साइज की प्लेट लगाना नियमों के खिलाफ माने जाते हैं. सरकार द्वारा तय किए गए High Security Registration Plate (HSRP) के फॉर्मेट के हिसाब से ही नंबर प्लेट लगानी जरूरी है. अगर कोई इन नियमों को तोड़ता है, तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
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आफ्टरमार्केट विंडो टिंटिंग या सन फिल्म
यह भारत में सबसे नॉर्मल मॉडिफिकेशन में से एक है. लेकिन इसके लिए सबसे ज्यादा चालान भी कटते हैं. सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि कार की किसी भी खिड़की पर, चाहे आगे का शीशा हो या साइड विंडो, किसी भी तरह की टिंटेड फिल्म लगाना पूरी तरह से गैरकानूनी है.
तेज आवाज वाले एग्जॉस्ट सिस्टम
अगर कोई अपनी गाड़ी में ऐसा आफ्टरमार्केट एक्सहॉस्ट लगाता है जो तय किए गए कानूनी डेसिबल लिमिट से ज्यादा आवाज करता है, तो वह पूरी तरह से गैरकानूनी माना जाता है. इससे न सिर्फ तेज शोर होकर आसपास के लोगों को परेशानी होती है, बल्कि यह नॉइज पॉल्यूशन भी बढ़ाता है. इतना ही नहीं, ऐसे मॉडिफाइड एक्सहॉस्ट गाड़ी के एमिशन सिस्टम पर भी असर डालते हैं. इसी वजह से ट्रैफिक पुलिस ऐसे गाड़ियों पर चालान भी काटती है और कई जगहों पर सख्त कार्रवाई भी की जाती है.
बुलबार और क्रैश गार्ड
कई SUV ओनर्स गाड़ी के सामने बुलबार इसलिए लगाते हैं ताकि गाड़ी ज्यादा दमदार दिखे या फिर उन्हें लगता है कि इससे सेफ्टी बढ़ जाती है. लेकिन असलियत ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मॉडिफिकेशन पर काफी समय पहले ही रोक लगा दी है. ये बुलबार हादसे के समय पैदल चलने वालों और छोटी गाड़ियों के लिए और भी ज्यादा खतरनाक साबित होते हैं. इसलिए अगर किसी गाड़ी में ये लगे मिले, तो उसके खिलाफ चालान भी कट सकता है.
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