अक्सर हम सोचते हैं कि कार की बैटरी सिर्फ कड़ाके की ठंड में ही जवाब दे देती है. लेकिन सच यह है कि 40-45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी भी बैटरी की हालत खराब कर सकती है. अगर आपकी कार घंटों तक खुले में धूप में खड़ी रहती है, तो बैटरी पर काफी लोड पड़ता है. इतना ही नहीं उसकी परफॉर्मेंस भी काफी डाउन होने लगती है. एक चीज आपको पता होनी चाहिए कि बैटरी अचानक खराब नहीं होती. पूरी तरह जवाब देने से पहले वह कुछ संकेत जरूर देती है. आइए जानते हैं ऐसे 5 आसान संकेत, जो बताते हैं कि आपकी कार की बैटरी अब कमजोर पड़ने लगी है.
इंजन स्टार्ट होने में लगने लगा ज्यादा समय
जब आप चाबी घुमाते हैं या स्टार्ट बटन दबाते हैं, तो कार पहले की तरह तुरंत स्टार्ट नहीं होती. इंजन कुछ सेकंड ज्यादा क्रैंक करता है और जैसे-तैसे स्टार्ट होता है. क्योंकि गाड़ी आखिरकार स्टार्ट हो जाती है, इसलिए ज्यादातर लोग इसे इग्नोर कर देते हैं. लेकिन यही छोटी-सी देरी इस बात का इशारा होती है कि बैटरी की पावर कम होने लगी है.
हेडलाइट्स की रोशनी कम होने लगे
अगर रात में कार स्टार्ट करते समय आपको हेडलाइट्स पहले जितनी तेज नहीं लग रही हैं या केबिन के अंदर की लाइट्स हल्की-हल्की मंद दिखाई दे रही हैं, तो इसे इग्नोर न करें. यह अक्सर इस बात का संकेत होता है कि आपकी कार की बैटरी कमजोर होने लगी है. क्योंकि कार की बैटरी ही बाहर की हेडलाइट्स से लेकर अंदर की सभी लाइट्स को पावर देती है.
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विंडो और डिस्प्ले का रिस्पॉन्स सुस्त पड़ने लगे
यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि आज की कारें चलती-फिरती कंप्यूटर बन चुकी हैं. ऐसे में अगर आपकी कार के पावर विंडो पहले के मुकाबले बहुत धीरे-धीरे ऊपर-नीचे होने लगे या फिर डैशबोर्ड की टचस्क्रीन ऑन होने में जरूरत से ज्यादा समय लेने लगे, तो इसे इग्नोर न करें. अक्सर ये संकेत बताते हैं कि कार की बैटरी कमजोर पड़ रही है और अब उसे कार के तमाम इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स को पावर देने में दिक्कत हो रही है.
डैशबोर्ड पर दिखने लगे बैटरी लाइट
यह बात सुनने में भले ही आम लगे, लेकिन हममें से कई लोग कार के इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर जल रही चेतावनी लाइट्स को नजरअंदाज कर देते हैं, खासकर तब जब गाड़ी नॉर्मल तरीके से चल रही हो. लेकिन ऐसा करना महंगा पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि आपको डैशबोर्ड पर दिखाई देने वाली हर वार्निंग लाइट का मतलब पता हो.
जब बैटरी को तीन साल से ज्यादा हो गए हो
आपकी गाड़ी की बैटरी कब बदलने की जरूरत पड़ सकती है, इसका सबसे आसान संकेत उसकी लाइफ होती है. चाहे कार की बैटरी हो, बाइक की या फिर मोबाइल की, हर बैटरी की एक फिक्स लाइफ होती है. भारत की तेज गर्मी बैटरी की सेहत पर काफी असर डालती है और उसकी लाइफ को तेजी से कम कर सकती है. अगर आपकी बैटरी तीन या उससे ज्यादा गर्मियां देख चुकी है, तो अगली सर्विस के दौरान मैकेनिक से उसकी जांच जरूर करवा लें.
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