Lucknow Coaching Centre Fire: लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित एक कोचिंग सेंटर में सोमवार को लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. तीन मंजिला इमारत में अचानक आग भड़कने के बाद वहां मौजूद छात्रों के बीच अफरा-तफरी मच गई. चारों ओर धुआं भर गया, चीख-पुकार गूंजने लगी और जान बचाने के लिए छात्र इधर-उधर भागने लगे. इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की जान चली गई, लेकिन राहत की बात यह रही कि बचाव दल ने 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
कुछ ही मिनटों में कोचिंग सेंटर बना मौत का जाल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आग लगने के बाद देखते ही देखते पूरी इमारत धुएं से भर गई. कई छात्र ऊपरी मंजिलों पर फंस गए. बाहर निकलने के रास्ते सीमित होने के कारण स्थिति और भयावह हो गई. अंदर फंसे छात्र मदद के लिए पुकार रहे थे, जबकि बाहर मौजूद लोग उन्हें बचाने की कोशिश में जुटे थे.
बगल की इमारत बनी उम्मीद की किरण
जब बचावकर्मियों को पता चला कि कई छात्र अंदर फंसे हुए हैं, तो उन्होंने एक अनोखी रणनीति अपनाई. प्रभावित इमारत तक पहुंचने के लिए बगल की इमारत में दो बड़े छेद किए गए. इन्हीं रास्तों के जरिए राहतकर्मी अंदर पहुंचे और फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया. कड़ी मशक्कत के बाद 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. बचाव अभियान के दौरान हर मिनट महत्वपूर्ण था, क्योंकि धुआं लगातार बढ़ रहा था और अंदर फंसे लोगों की सांसें थमने का खतरा बढ़ता जा रहा था.
15 छात्रों की मौत की पुष्टि
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि इस हादसे में 15 छात्रों की मौत हो गई है. वहीं, चार घायल छात्रों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी.
उच्चस्तरीय जांच के आदेश
ब्रजेश पाठक ने बताया कि हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि आग कैसे लगी और इसके पीछे क्या कारण थे, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा. साथ ही घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
NDRF समेत कई एजेंसियां बचाव अभियान में जुटीं
हादसे की सूचना मिलते ही प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और लखनऊ पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र सेंगर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को भी राहत और बचाव कार्य में लगाया गया. अधिकारियों ने तलाशी अभियान पूरा होने के बाद पुष्टि की कि अब इमारत में कोई भी छात्र फंसा नहीं है.
मुख्यमंत्री योगी ने छोड़ा दौरा
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलीगढ़ का अपना निर्धारित दौरा बीच में ही छोड़ दिया और तुरंत लखनऊ लौट आए. मुख्यमंत्री पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं.
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