नरपतगंज (अररिया) से संजीव कुमार यादव की रिपोर्ट
Transformer Failure: बिहार के सीमांचल प्रक्षेत्र में बिजली विभाग की उदासीनता के कारण आम उपभोक्ताओं को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है. ताजा मामला नरपतगंज नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या आठ का है, जहां लगा मुख्य विद्युत ट्रांसफार्मर बीते कई दिनों से पूरी तरह से खराब पड़ा है. इसके कारण पूरा वार्ड घने अंधेरे और भीषण गर्मी की चपेट में है. स्थानीय रिहायशी इलाकों के उपभोक्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है. ग्रामीणों का आरोप है कि इस विसंगति को लेकर कई बार विभागीय कप्तानों और कनिष्ठ अभियंताओं को लिखित एवं मौखिक रूप से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक इसे बदलने या मरम्मत कराने की कोई प्रशासनिक कमान नहीं संभाली गई है.
अधिकारियों से लेकर मिस्त्री तक को दी सूचना; विभाग पर लापरवाही का आरोप
वार्ड में बिजली संकट और स्थानीय लोगों की परेशानी की मुख्य कड़ियां बेहद चिंताजनक हैं. वार्ड संख्या आठ के निवासियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने के तुरंत बाद ही इसकी विधिवत जानकारी स्थानीय लाइनमैन, मिस्त्री और बिजली विभाग के सहायक अभियंता तक को दे दी गई थी.
इसके बावजूद विभाग की सुस्ती के कारण कई दिन बीत जाने के बाद भी नया ट्रांसफार्मर धरातल पर नहीं उतारा जा सका है. इस लापरवाही की वजह से रिहायशी इलाकों में पेयजल संकट भी गहराने लगा है और कली-मजदूरों से लेकर स्कूली बच्चों तक का इस चिपचिपी गर्मी में जीना मुहाल हो गया है.
जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे लोग
“भीषण तपन के इस दौर में बिना बिजली के रहना किसी सजा से कम नहीं है. अगर विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के भीतर नया ट्रांसफार्मर मुस्तैद नहीं किया और वार्ड की बिजली व्यवस्था बहाल नहीं की, तो हम सभी प्रबुद्ध नागरिक और किसान मिलकर विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे और चक्का जाम व उग्र प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे.”
प्रक्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस बिजली संकट पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है. उनका कहना है कि एक तरफ सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति के बड़े-बड़े दावे संधारित करती है, वहीं दूसरी तरफ नरपतगंज के कनिष्ठ बिजली कर्मी छोटे-छोटे तकनीकी फॉल्ट को दूर करने में हफ्तों का समय लगा देते हैं. फिलहाल वार्ड की जनता बिजली कार्यालय के अधिकारियों की ओर टकटकी लगाए बैठी है कि कब उनकी सुस्ती टूटेगी और कब इस अंधेरे तथा उमस से प्रभावित मुख्य प्रक्षेत्र को स्थायी रूप से राहत मिल सकेगी.
