Zohran Mamdani New York: न्यूयॉर्क के डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में जोहरान ममदानी खुद उम्मीदवार नहीं थे, लेकिन नतीजों के बाद वह इस चुनाव के सबसे बड़े राजनीतिक विजेता के रूप में उभरे. ममदानी के समर्थन वाले तीन उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी सीटों पर जीत हासिल की. ममदानी समर्थित उम्मीदवारों में ब्रैड लैंडर ने मौजूदा सांसद डैन गोल्डमैन को हराया. वहीं क्लेयर वाल्डेज ने ब्रुकलिन के बरो प्रेसिडेंट एंटोनियो रेनोसो को मात दी. तीसरे मुकाबले में डारियालिजा एविला शेवेलियर ने लंबे समय से कांग्रेस में मौजूद एड्रियानो एस्पाइलाट को हराकर सबसे बड़ा उलटफेर किया. तीनों सीटों पर डेमोक्रेटिक पार्टी की पकड़ मजबूत मानी जाती है, इसलिए नवंबर के मिड टर्म इलेक्शन के बाद इन उम्मीदवारों के कांग्रेस पहुंचने की संभावना बढ़ गई है.
ममदानी ने अपने तीनों कैंडिडेट्स को जितवाकर यह साबित कर दिया कि उनका राजनीतिक प्रभाव अब सिर्फ मेयर पद तक सीमित नहीं है. इन नतीजों के बाद ममदानी ने कहा कि उनकी पिछले साल की मेयर चुनाव जीत कोई अचानक हुआ राजनीतिक चमत्कार नहीं था. उन्होंने कहा, ‘हम दिखा रहे हैं कि पिछले जून की जीत कोई असामान्य घटना नहीं थी. यह अंत नहीं था, बल्कि शुरुआत थी.’ ममदानी की टीम का दावा है कि उनकी राजनीतिक सोच और संगठन अब दूसरे उम्मीदवारों को भी चुनाव जीतने में मदद कर सकते हैं.
तीनों चुनावों में क्या हुआ?
ब्रैड लैंडर बनाम डैन गोल्डमैन: सबसे ज्यादा चर्चा लोअर मैनहट्टन और ब्रुकलिन सीट के मुकाबले की रही, जहां ब्रैड लैंडर ने मौजूदा सांसद डैन गोल्डमैन को चुनौती दी. लैंडर ने खुद को गोल्डमैन से ज्यादा प्रगतिशील उम्मीदवार के तौर पर पेश किया. ममदानी और उनके समर्थकों ने गोल्डमैन की इजरायल नीति पर भी सवाल उठाए. गोल्डमैन ने मेयर चुनाव में ममदानी की जीत के बाद उन्हें समर्थन नहीं दिया था. इसके बाद ममदानी ने खुलकर लैंडर का समर्थन किया और उनके लिए प्रचार भी किया.
क्लेयर वाल्डेज ने पलटा मुकाबला: दूसरी बड़ी लड़ाई ब्रुकलिन और क्वींस की उस सीट पर थी, जो सांसद निडिया वेलाजक्वेज के हटने के बाद खाली हुई थी. ममदानी ने क्लेयर वाल्डेज का समर्थन किया, जो पहली बार राज्य विधानसभा पहुंची थीं. उनका मुकाबला एंटोनियो रेनोसो से था, जिनके पास क्षेत्र में पुराना राजनीतिक आधार और निडिया वेलाजक्वेज का समर्थन था. लेकिन वाल्डेज ने चुनाव को न्यूयॉर्क की नई वामपंथी राजनीति बनाम पुरानी प्रगतिशील राजनीति की लड़ाई बना दिया. ममदानी के समर्थन ने उन्हें ज्यादा पहचान दिलाई.
डारियालिजा एविला शेवेलियर की बड़ी जीत: तीसरा मुकाबला सबसे बड़ा उलटफेर साबित हुआ. ममदानी की पूर्व कैंपेन वॉलंटियर और एक्टिविस्ट डारियालिजा एविला शेवेलियर ने कांग्रेस के अनुभवी नेता एड्रियानो एस्पाइलाट को हरा दिया. एस्पाइलाट कांग्रेस में करीब एक दशक से थे और कांग्रेस के हिस्पैनिक कॉकस के चेयरमैन भी रह चुके थे. यह हार न्यूयॉर्क की राजनीति में बड़ी घटना मानी गई. इसे 2018 में अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज द्वारा 10 बार के सांसद रहे जो क्राउली को हराने के बाद सबसे बड़े उलटफेरों में गिना जा रहा है.
क्यों ममदानी को ‘किंगमेकर’ कहा जा रहा है?
राजनीति में नेताओं का किसी उम्मीदवार का समर्थन करना आम बात है, लेकिन ममदानी के मामले में फर्क यह रहा कि उनके समर्थन वाले तीनों उम्मीदवार जीत गए. दो उम्मीदवारों ने मौजूदा सांसदों को हराया, जबकि तीसरे ने एक मजबूत राजनीतिक दावेदार को मात दी.
ममदानी की कम्युनिकेशन डायरेक्टर अन्ना बह्र ने कहा कि यह नतीजे पैसे और बड़े सलाहकारों पर आधारित राजनीति के खिलाफ संदेश हैं. उन्होंने कहा, ‘मेयर ममदानी एक अलग तरह की राजनीति दिखा रहे हैं, ऐसी राजनीति जो अरबपतियों के पैसे या सलाहकारों से नहीं, बल्कि कामकाजी लोगों की जरूरतों से जुड़ी है.’
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गाजा और इजरायल मुद्दे का असर
इन चुनावों में गाजा युद्ध और अमेरिका की इजरायल नीति भी बड़ा मुद्दा बनी रही. ममदानी और उनके समर्थित उम्मीदवारों ने महंगाई, घरों की कीमत और आम लोगों की परेशानियों को इजरायल को दिए जा रहे अमेरिकी समर्थन से जोड़कर पेश किया. हालांकि इस रुख के कारण उन्हें न्यूयॉर्क के कुछ यहूदी समुदायों की आलोचना का सामना भी करना पड़ा. डैन गोल्डमैन ने ममदानी पर आरोप लगाया कि वह मध्य पूर्व के मुद्दे पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और इससे यहूदियों के लिए माहौल खराब हो रहा है.
