जेलेंस्की ने जी 7 देशों से मांगी मदद, कहा- लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुटता जरूरी

जी-7 नेताओं ने कहा कि वे चीन को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं और चीन के साथ रचनात्मक और स्थिर संबंध चाहते हैं, चीन के साथ खुलकर बातचीत करने और अपनी चिंताओं को सीधे व्यक्त करने के महत्व को पहचानते हैं.

रूस के साथ जारी संघर्ष के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जी 7 देशों से समर्थन की मांग की. उन्होंने कहा, लोकतंत्र की रक्षा के लिए स्पष्ट वैश्विक नेतृत्व की जरूरत है. दूसरी ओर से जी 7 देशों ने यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए चीन से रूप पर दबाव डालने का आग्रह किया है.

जी 7 सूमह में ये देश हैं शामिल

जी-7 दुनिया की सात सबसे बड़ी विकसित अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक समूह है. इसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं.

यूक्रेन युद्ध पर क्या बोले जी 7 देश

जी-7 नेताओं ने कहा कि वे चीन को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं और चीन के साथ रचनात्मक और स्थिर संबंध चाहते हैं, चीन के साथ खुलकर बातचीत करने और अपनी चिंताओं को सीधे व्यक्त करने के महत्व को पहचानते हैं. इसमें कहा गया है, हम चीन से आह्वान करते हैं कि वह रूस पर उसके सैन्य हमले को रोकने के लिए दबाव डाले, औरर बिना शर्त यूक्रेन से अपने सभी सैनिकों को तुरंत हटा ले.

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यूक्रेन युद्ध पर बोले पीएम मोदी, मिलकर आवाज उठाने की जरूरत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के हिरोशिमा शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के एक सत्र में कहा कि वह यूक्रेन में मौजूदा हालात को राजनीति या अर्थव्यवस्था का नहीं, बल्कि मानवता एवं मानवीय मूल्यों का मुद्दा मानते हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, सम्प्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान के लिए सभी देशों का आह्वान किया.

एक साथ आवाज उठाने की जरूरत : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने जी-7 बैठक के एक सत्र को संबोधित करते हुए यथास्थिति बदलने के एकतरफा प्रयासों के खिलाफ एक साथ मिलकर आवाज उठाने की पुरजोर वकालत की और कहा कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और एक-दूसरे की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना चाहिए.

संघर्ष के समाधान के लिए जो भी संभव होगा करेंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से हुई वार्ता का भी उल्लेख किया और कहा कि संघर्ष के समाधान के लिए जो भी संभव होगा, वह करेगा. उन्होंने कहा, और इस परिस्थिति के समाधान के लिए, भारत से जो कुछ भी बन पड़ेगा, हम यथासंभव प्रयास करेंगे. प्रधानमंत्री ने भगवान बुद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और जापान में हजारों वर्षों से भगवान बुद्ध का अनुसरण किया जाता है तथा आधुनिक युग में ऐसी कोई समस्या नहीं है, जिसका समाधान हम बुद्ध की शिक्षाओं में न खोज पाएं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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