Russia-Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Zelensky in UNSC) में मंगलवार को कहा कि नागरिकों को टैंक से कुचल दिया गया. महिलाओं से बलात्कार किया गया. उनके बच्चों की आंखों के सामने उनकी हत्या कर दी गयी. रूस की सेना ने बूचा में जो कुछ भी किया है, वह क्रूरता है. उसने यूएन चार्टर का उल्लंघन किया है. बूचा में जो नरसंहार हुआ है, वैसी घटना बहुत कम होती होगी.
संयुक्त राष्ट्र को दी नरसंहार की जानकारी
संयुक्त राष्ट्र के सबसे शक्तिशाली निकाय को संबोधित करते हुए जेलेंस्की ने अपने देश में रूस के सैनिकों द्वारा किये गये कथित नरसंहार के बारे में जानकारी दी. इस बीच, पश्चिमी देशों ने कथित युद्ध अपराध के चलते रूस के दर्जनों और राजनयिकों को निष्कासित कर दिया तथा भावी प्रतिबंधों का भी प्रस्ताव रखा. जेलेंस्की अपनी सेना के लिए और अधिक शक्तिशाली हथियारों की मांग कर रहे हैं. लेकिन पश्चिमी देश उसे और हथियार देने से हिचक रहे हैं.
सेना को संगठित कर रहा रूस
रूस के वीटो पावर के चलते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर पायेगा. नाटो के प्रमुख ने कहा है कि रूस ‘युद्ध के महत्वपूर्ण चरण’ के लिए पूर्वी और दक्षिणी यूक्रेन में अपने बलों को तैनात करने के लिए अपनी सेना को फिर से संगठित कर रहा है. यूक्रेनी अधिकारियों ने कहा कि कीव के आसपास के उन शहरों में कम से कम 410 लोगों के शव मिले हैं, जहां से रूसी सेना वापस चली गयी है.
Also Read: बाइडेन बोले- पुतिन पर युद्ध अपराध का मुकदमा चलना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कही ये बात
बूचा की डरावनी तस्वीरों को नहीं भूल पाऊंगा- गुतरेस
इधर, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतरेस ने अपने संबोधन में कहा, ‘बूचा में नागरिकों के नरसंहार की जो तस्वीरें सामने आयी हैं, उस डरावनी तस्वीरों को मैं कभी नहीं भूल पाउंगा. मैंने तत्काल निष्पक्ष जांच के लिए कहा, ताकि इसकी जिम्मेदारी तय हो सके. बलात्कार और यौन हिंसा की बात सुनकर मैं स्तब्ध रह गया. रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से विश्व की अर्थव्यवस्था को अत्यधिक क्षति पहंच रही है. खासकर विकासशील देशों के लिए विकट स्थिति है.
गुतरेस ने कहा कि हम देख रहे हैं कि कुछ देश संकट में हैं और वहां लोग अपना आपा खो रहे हैं. हमें इसे रोकने के लिए अब पहल करनी ही होगा. इसलिए मैं सभी देशों से अपील करता हूं कि अपने बाजार को खुला रखें. निर्यात पर लगे गैरवाजिब रोक को हटायें और अकालग्रस्त और भुखमरी की कगार पर पहुंचे देशों की मदद के लिए आगे आयें.
रूस ने संयुक्त राष्ट्र से मांगा जवाब
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र प्रमुख से तीखे सवाल किये हैं. उन्होंने कहा, ‘हमने आपसे आग्रह किया था कि 3 और 4 अप्रैल को बैठक बुलायें. लेकिन, आपने ऐसा करने से इंकार कर दिया. यह अपमानजनक स्थिति है. मैं यह जानना चाहता हूं कि आपने किस आधार पर ऐसा अपमानजनक रवैया अपनाया? हमें इस संबंध में स्पष्टीकरण चाहते हैं.
रूस के प्रतिनिधि ने कहा कि क्या आप नहीं जानते कि यदि आप हमारे प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं, तो आपको एक बैठक बुलानी चाहिए थी और एक वोट के लिए बैठक आयोजित करने की सलाह के मुद्दे को सामने रखना चाहिए था? अपनी अध्यक्षता के दौरान, यूक्रेन पर 6 बैठकें हुईं और हमने एक बार भी बैठक बुलाने से इंकार नहीं किया.
Posted By: Mithilesh Jha
