भारतीय मूल के वर्ल्ड बैंक चीफ परिवार सहित पाकिस्तान पहुंचे, क्या है उनका प्लान? क्या 20 अरब डॉलर लोन होगा अप्रूव?

World Bank Chief in Pakistan: क्या पाकिस्तान का लोन अप्रूव होगा? 1-2 नहीं बल्कि 20 अरब डॉलर की बात है. हो भी सकता है. भारतीय मूल वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष डॉ. अजय बंगा इन दिनों 4 दिन के दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे हैं. उन्होंने इस दौरान गुरुद्वारे और अन्य आर्कियोलॉजिकल साइट्स का दौरा भी किया. वह पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ से भी मिलने वाले हैं.

World Bank Chief in Pakistan: पाकिस्तान के सरकारी मीडिया ने रविवार को बताया कि वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा पाकिस्तान पहुंच गए हैं. वह इस चार दिवसीय दौरे पर अपने परिवार के साथ गए हैं. उनके इस दौरे का मकसद विकास परियोजनाओं और अहम नीतिगत मुद्दों पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से बातचीत करना है. पाकिस्तान इस समय अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मदद चाहता है.

पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक, वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा ने हसन अब्दाल में स्थित गुरुद्वारा पंजा साहिब के साथ-साथ खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की एक ऐतिहासिक पुरातात्विक (आर्कियोलॉजिकल) साइट का भी दौरा किया. खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के सलाहकार मुजम्मिल असलम ने भी बंगा से मुलाकात की और प्रांत के आर्थिक मामलों पर चर्चा की.

10 सालों में 20 अरब डॉलर देगा वर्ल्ड बैंक

यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब पाकिस्तान और वर्ल्ड बैंक 10 साल के कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क (CPF) को लागू करने की तैयारी में हैं. इस योजना के तहत विश्व बैंक ने पिछले वर्ष घोषणा की थी कि वह अगले दस वर्षों में पाकिस्तान को 20 अरब डॉलर का कर्ज देगा. नकदी की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह फंड काफी अहम माना जा रहा है. इस धनराशि का निवेश पोषण, शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में किए जाने की योजना है, ताकि निजी क्षेत्र की वृद्धि को प्रोत्साहन मिल सके.

वर्ल्ड बैंक की यह फंडिंग इसी साल से शुरू होनी है, जो कई जरूरी क्षेत्रों पर खर्च की जाएगी. इनमें शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, बच्चों में कुपोषण कम करना, जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता बढ़ाना, ऊर्जा दक्षता, समावेशी विकास और निजी निवेश को बढ़ावा देना शामिल है. सरकारी चैनल पाकिस्तान टीवी डिजिटल के मुताबिक, अजय बंगा अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. इन बैठकों में आर्थिक सुधारों, विकास योजनाओं और अहम नीतिगत मामलों पर चर्चा होगी.

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति है खराब

पाकिस्तान 2023 में अपने विदेशी कर्ज के भुगतान में लगभग डिफॉल्ट की स्थिति में पहुंच गया था. फिलहाल देश 7 अरब डॉलर के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) कार्यक्रम के तहत अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने की कोशिश कर रहा है. व्यापार और विदेशी निवेश बढ़ाने के साथ-साथ सरकार बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों से भी मदद ले रही है. वर्ल्ड बैंक के दक्षिण एशिया उपाध्यक्ष मार्टिन राइजर ने पिछले साल CPF लॉन्च के दौरान कहा था कि यह साझेदारी पाकिस्तान के लिए अगले 10 सालों में ठोस और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों पर केंद्रित एक साफ और संगठित योजना पेश करती है.

उन्होंने जोर दिया कि बड़े असर के लिए ज्यादा संसाधन और सभी विकास साझेदारों के साथ करीबी सहयोग जरूरी होगा. दिसंबर में वर्ल्ड बैंक ने पाकिस्तान के लिए 70 करोड़ डॉलर की बहुवर्षीय फंडिंग को मंजूरी दी थी, ताकि देश की आर्थिक स्थिरता और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके. इससे पहले अगस्त में पंजाब प्रांत में प्राथमिक शिक्षा सुधार के लिए 4.79 करोड़ डॉलर का अनुदान भी दिया गया था.

कहां-कहां गए अजय बंगा?

विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय पाल सिंह बंगा ने पाकिस्तान की अपनी चार दिवसीय यात्रा के पहले दिन परिवार सहित हसन अब्दाल स्थित गुरुद्वारा श्री पंजा साहिब के दर्शन किए. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंचे इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत पंजाब के अल्पसंख्यक मामलों के प्रांतीय मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा और संघीय वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने किया. डेली ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुद्वारे में बंगा ने मत्था टेका और अरदास की. उन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और श्रद्धालुओं के साथ लंगर भी ग्रहण किया.

इस दौरान उन्होंने सिख परंपरा ‘संगत’ (श्रद्धालुओं की सभा) और ‘पंगत’ (एक पंक्ति में बैठकर भोजन करना) की भावना का अनुभव किया. स्थानीय सिख समुदाय ने सम्मान स्वरूप बंगा को एक धार्मिक प्रतीक भी भेंट किया. उन्हें पाकिस्तान सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और उत्थान के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी दी गई. इस दौरे के दौरान बंगा का अपने माता-पिता के पैतृक गांव खुशाब जाने का भी कार्यक्रम है.

प्रेस नोट के अनुसार, रमेश अरोड़ा ने कहा कि वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट की गुरुद्वारा यात्रा से दुनिया में सकारात्मक संदेश जाएगा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सभी धर्मों के लोगों को पूरी धार्मिक आज़ादी है. अरोड़ा ने यह भी बताया कि पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ के निर्देश पर ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और मरम्मत का काम जारी है. साथ ही, पंजाब सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी ठोस कदम उठा रही है.

बौद्ध पुरातात्विक स्थल भी पहुंचे बंगा

एक प्रेस रिलीज में बताया गया कि बंगा अपनी पत्नी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रविवार को खैबर पख्तूनख्वा के खानपुर इलाके में मौजूद जौलियन बौद्ध पुरातात्विक स्थल पहुंचे. इस मौके पर KPK के वित्त सलाहकार मुजम्मिल असलम और सांसद (MNA) फैसल अमीन गंडापुर ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. संघीय वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब भी अपनी पत्नी के साथ इस दौरे में शामिल हुए.

दौरे के दौरान मुजम्मिल असलम ने अजय बंगा को सम्मान के तौर पर एक शील्ड भेंट की और प्रांत की आर्थिक स्थिति व योजनाओं पर विस्तार से बातचीत की. KP पुरातत्व विभाग के महानिदेशक अब्दुल समद ने बंगा को खैबर पख्तूनख्वा की ऐतिहासिक धरोहर के बारे में जानकारी दी, खासकर जौलियन बौद्ध स्थल के महत्व पर रोशनी डाली.

पुरातात्विक स्थलों की देखभाल और सुविधाओं की तारीफ करते हुए बंगा ने अब्दुल समद के काम की सराहना की और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. उन्हें प्रांत के अन्य ऐतिहासिक स्थलों के दौरे का न्योता भी दिया गया.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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