Iran Pakistan Conflict: आखिर क्यों लड़ रहे हैं ईरान और पाकिस्तान? पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

पाकिस्तान और ईरान के बीच तनाव जारी है. गुरुवार सुबह पाकिस्तान की ओर से ईरान में हवाई हमले किये जिनमें चार बच्चों और तीन महिलाओं की मौत हो गई. जानें अबतक क्या हुआ.

Iran Pakistan Conflict: पाकिस्तान ने गुरुवार को ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी’ और ‘बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट’ जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों पर सैन्य हमले किये जिसके बाद दोनों देशों में तनाव और बढ़ गया है. इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान और पाकिस्तान के बीच जारी हमले पर चिंता जताई है और दोनों देशों से तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए अधिकतम संयम बरतने का आग्रह किया है. इस बीच आइए जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो दोनों देश आपस में हमला करने लगे.

ईरान और पाकिस्तान क्यों लड़ रहे हैं?

ईरान ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर दिया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया. तेहरान ने आरोप लगाया कि सुन्नी आतंकवादी जैश अल-अदल समूह जो इस्लामिक स्टेट से जुड़ा है, उसने 3 जनवरी को करमान में बमबारी में भूमिका निभाई थी. हमले के 24 घंटों के भीतर, पाकिस्तान ने उसी तरह से अपने दुश्मन को जवाब दिया और उन अलगाववादी आतंकवादियों को निशाना बनाया, जो उसके अशांत दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में विद्रोह का समर्थन कर रहे थे. 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध के बाद ईरानी धरती पर यह पहला हवाई हमला किया गया है.

दुनिया की नजर

  • भारत ने कहा कि आतंकवाद को लेकर हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है. हम मानते हैं कि देश आत्मरक्षा में इस तरह के कदम उठा सकते हैं

  • अमेरिका ने बलूचिस्तान में ईरान के हमलों की निंदा की…साथ ही कहा कि ईरान ने अपने तीन पड़ोसी देशों की सीमाओं का उल्लंघन किया है.

  • चीन ने कहा कि ईरान व पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों के अनुरूप आपसी रिश्तों को निभाना चाहिए. दोनों पक्ष संयम बरतें.

हरकत में पाकिस्तान

  • पाकिस्तान सशस्त्र बलों के ज्वॉइंट स्टाफ मुख्यालय ने ईरान के अंदर आतंक रोधी हमलों का दिया आदेश

  • तनाव के बाद पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री ने दावोस की यात्रा में की कटौती, लौट रहे स्वदेश

आतंकी संगठनों के ठिकानों पर हमला

पाकिस्तान ने ईरान को उसी के अंदाज में जवाब दिया है. उसने सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में ‘बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी’ और ‘बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट’ जैसे आतंकी संगठनों के ठिकानों पर हमला करके हड़कंप मचा दिया. इस हमले में नौ लोग मारे गये. मृतकों में दो पुरुष, तीन महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं. पाकिस्तान ने यह कार्रवाई ईरान द्वारा मंगलवार की देर रात बलूचिस्तान प्रांत में आतंकी संगठन जैश-अल-अदल के ठिकानों पर किये गये ड्रोन और मिसाइल हमले के जवाब में की है.

Also Read: Iran Pakistan Conflict: युद्ध हुआ तो पाकिस्तान कितना भारी पड़ेगा ईरान पर? जानें किसके पास कितनी ताकत

पश्चिम एशिया में तनाव

ईरान के हमले और पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सैन्य हमले की पुष्टि कर दी है और कहा है कि ड्रोन, रॉकेट, युद्धक सामग्री और अन्य हथियारों का इस्तेमाल करके सटीक हमले किये गये. पाकिस्तान की ओर से इस अभियान का कोडनेम ‘मार्ग बार सरमाचर’ रखा था. फारसी भाषा में ‘मार्ग बार’ का मतलब है ‘मृत्यु’, जबकि बलूच भाषा में ‘सरमाचर’ का मतलब गुरिल्ला होता है.

Iran Pakistan Conflict: युद्ध हुआ तो पाकिस्तान कितना भारी पड़ेगा ईरान पर?

जानने के लिए क्लिक करें यहां

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >