ईरान में बढ़ा सस्पेंस, अली खामेनेई के बेटे मोजतबा आखिर कहां हैं?

ईरान में अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही है. 9 जुलाई को उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इस बीच मोजतबा खामेनेई के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचने पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि अली खामेनेई के बेटे और उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई आखिर कहां हैं? अंतिम यात्रा में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अटकलें लगाई जा रही हैं. दिवंगत ईरानी सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में शुरू हो चुकी हैं. 9 जुलाई को उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं.

रविवार (5 जुलाई) की नमाज के दौरान तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. इस दौरान अली खामेनेई के तीन बेटे- मसूद खामेनेई, मेसम खामेनेई और मुस्तफा खामेनेई  शोक मनाते नजर आए. हालांकि, उनके संभावित उत्तराधिकारी माने जाने वाले मोजतबा खामेनेई समारोह में कहीं दिखाई नहीं दिए.

नए सर्वोच्च नेता मोजतबा आखिर कहां हैं?

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा को ईरान का अगला सर्वोच्च नेता घोषित किया गया था. तब से उन्होंने युद्ध और अमेरिका के साथ पीस टॉक पर कई बयान दिए हैं, लेकिन अब तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. उनकी गैरमौजूदगी से ईरान के कट्टर समर्थकों और दुनिया के कई देशों में यह सवाल उठ रहा है कि नए सर्वोच्च नेता आखिर कहां हैं?

क्या बुरी तरह से घायल हैं मोजतबा ?

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि 28 फरवरी के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद मोजतबा खामेनेई छिपकर रह रहे हैं. हालांकि, उनकी सेहत कैसी है? वे इस समय कहां हैं? इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा के करीबी लोगों ने दावा किया है कि 28 फरवरी के हमले में उनका चेहरा बुरी तरह घायल हो गया था. साथ ही उनकी एक या दोनों टांगों में भी गंभीर चोट आई थी. हालांकि, इन दावों की अब तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.

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रिपोर्टों के मुताबिक, मोजतबा तेहरान में अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होना चाहते थे. हालांकि, द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने उनकी इस इच्छा को मंजूरी नहीं दी. बताया गया है कि मोजतबा 9 जुलाई को होने वाले दफन समारोह में शामिल होकर अपने पिता के पार्थिव शरीर पर अंतिम प्रार्थना करना चाहते थे.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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