क्या है क्लस्टर बम... पुतिन दे रहे हैं जिसकी यूक्रेन को धमकी, जानें कितना घातक है यह हथियार

क्लस्टर बम को ऊंचाई से हवा में छोड़ा जाता है और इसके अंदर से हजारों की संख्या में छोटे बम निकलते हैं, जो निशाना बनाए गए स्थान पर भारी तबाही मचाते हैं. अतीत में क्लस्टर बम के इस्तेमाल में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं. यही वजह है कि कई देश क्लस्टर बम के इस्तेमाल से परहेज करते हैं.

रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध को अब डेढ़ साल होने जा रहे हैं. रूस लगातार यूक्रेन पर हमला कर रहा है. इधर अमेरिका समेत यूरोप के कई देश यूक्रेन को सहायता दे रहे हैं. गहराते युद्ध के बीच खबर है कि अमेरिका के दिए क्लस्टर बम यूक्रेन पहुंच गये हैं. इस बात को लेकर रूस ने नाराजगी भी जताई है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है के रूस के पास क्लस्टर बम का पर्याप्त भंडार है और चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन ने विवादास्पद हथियार का इस्तेमाल किया तो उसके पास भी जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है.

पुतिन ने दी धमकी
गौरतलब है कि अमेरिका से यूक्रेन को क्लस्टर बम की आपूर्ति पर अपनी पहली टिप्पणी में रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एक इंटरव्यू में कहा है कि  रूस ने यूक्रेन में अपने युद्ध में अब तक एक भी क्लस्टर बम का इस्तेमाल नहीं किया है. पुतिन ने कहा है कि अब तक हमने ऐसा नहीं किया है, हमने इसका इस्तेमाल नहीं किया है और हमें ऐसी कोई आवश्यकता नहीं पड़ी. हालांकि रूस और यूक्रेन दोनों द्वारा क्लस्टर बमों के इस्तेमाल का व्यापक रूप से उल्लेखित किया गया है तथा रूस के हमलों के बाद क्लस्टर बम पाए गए हैं.

अमेरिका ने दिए क्लस्टर बम
रुसिया टीवी के रिपोर्टर पावेल जरुबिन ने बीते रविवार एक प्रसारण से पहले रविवार को साक्षात्कार के अंश अपने टेलीग्राम चैनल पर प्रकाशित किए. जिसमें कहा जा रहा है कि पेंटागन का कहना है कि गुरुवार को अमेरिका की ओर से दिए गए क्लस्टर बम यूक्रेन में आ गए हैं. इस पर पुतिन ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा है कि रूस के पास भी क्लस्टर बमों का पर्याप्त भंडार है.

ऊंचाई से हवा में छोड़ा जाता है क्लस्टर बम
बता दें, क्लस्टर बम को ऊंचाई से हवा में छोड़ा जाता है और इसके अंदर से हजारों की संख्या में छोटे बम निकलते हैं, जो निशाना बनाए गए स्थान पर भारी तबाही मचाते हैं. अतीत में क्लस्टर बम के इस्तेमाल में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं. यही वजह है कि कई देश क्लस्टर बम के इस्तेमाल से परहेज करते हैं. पिछले सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन की ओर से अंतिम फैसला लेने से पहले अमेरिकी नेताओं ने महीनों तक इस पेचीदे मुद्दे पर चर्चा की थी.

घनी आबादी वाले इलाकों से दूर इस्तेमाल का वाद
अमेरिका से क्लस्टर बम लेने से पहले यूक्रेन ने इन्हें घनी आबादी वाले इलाकों से दूर ही इसके इस्तेमाल करने का वादा किया है. वहीं यूक्रेन की सेना ने रविवार सुबह कहा कि पिछले 24 घंटे में रूस ने 40 हवाई हमलों और रॉकेट लांचर से 46 हमलों के अलावा, ईरान निर्मित दो शाहेद ड्रोन से हमले किये, दो क्रूज मिसाइल दागी और दो विमान भेदी मिसाइल छोड़ीं. डोनेत्स्क के गवर्नर पावलो किरिलेंको ने कहा कि शनिवार को क्षेत्र के दो निवासियों की मौत हो गई, और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया.

123 देशों में बैन है क्लस्टर बम
बता दें, अमेरिका ने यूक्रेन को क्लस्टर बम दे तो दिया है, लेकिन यह भी बता दें कि इस बम पर दुनिया के 123 देशों ने बैन कर रखा है. हालांकि उन देशों उनमें अमेरिका और रूस के अलावा यूक्रेन भी शामिल नहीं है. वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने यूक्रेन से यह कहा है वो इन बमों का इस्तेमाल विदेशी जमीन पर नहीं करेगा.

क्या होता है क्लस्टर बम
दरअसल, क्लस्टर बम एक खास हथियार है. ये कई छोटे बमों का सेट हो जो एक बड़े बम के अंदर रखे होते हैं. क्लस्टर बम का एक साथ बड़े इलाके में घातक हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. छोटे बमों को सबम्यूनिशन या बॉम्बलेट्स कहते हैं. इन बमों को फाइटर प्लेन के जरिये दुश्मनों के इलाके में छोड़ा जाता है. इसे मिसाइल के जरिए भी दागा जा सकता है.

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दूसरे विश्व युद्ध में किया गया था खूब इस्तेमाल
क्लस्टर बमों का इस्तेमाल दूसरे विश्व युद्ध में खूब किया गया है. बमवर्षक विमानों से इन बमों को दुश्मनों के इलाकों में छोड़ा जाता था. इन बमों से काफी ज्यादा बड़े इलाके को नुकसान पहुंचता था. क्लस्टर बम से निकला हर छोटा बम फटता नहीं है. क्लस्टर बम के 30 से 40 फीसदी बम कभी कभी फटते ही  नहीं. जो बाद में किसी के संपर्क में आने के बाद फट जाते हैं.

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