यूक्रेन में रूस का हमला अब भी जारी है. इधर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में मार्शल लॉ लगा दिया है. पुतिन ने रूस के सभी क्षेत्रों के प्रमुखों को अतिरिक्त आपातकालीन शक्तियां प्रदान कर दीं.
अमेरिकी खुफिया चीफ ने मार्शल लॉ को लेकर कर दी थी भविष्यवाणी
रूस-युक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी खुफिया चीफ ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी, कि व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में मार्शल लॉ लगा सकते हैं. हालांकि जब यूक्रेन में रूस ने जंग की शुरुआत की थी, उस समय से ही मार्शल लॉ को लेकर अनुमान लगाया जा रहा था. हालांकि उस समय व्वादिमीर पुतिन ने इससे साफ इनकार कर दिया था और कहा था कि मार्शल लॉ उस देश में लगाया जाता है, जहां कोई बाहरी आक्रमण होता है.
20 अक्टूबर से प्रभावी होगा मार्शल लॉ
व्लादिमीर पुतिन ने मार्शल लॉ के तहत उठाए जाने वाले कदमों को तत्काल स्पष्ट नहीं किया, लेकिन कहा कि उनका आदेश बृहस्पतिवार से प्रभावी होगा. उन्होंने अपने आदेश में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को विशिष्ट प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए तीन दिन का समय दिया है.
रूसी संसद ने पुतिन के फैसले पर लगायी मुहर
रूस की संसद के ऊपरी सदन ने चार क्षेत्रों में मार्शल लॉ लागू करने के पुतिन के फैसले पर तुरंत मुहर लगा दी. मसौदा कानून इंगित करता है कि इसमें यात्रा और सार्वजनिक समारोहों पर प्रतिबंध, सख्त सेंसरशिप और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए व्यापक अधिकार शामिल हो सकते हैं. पुतिन ने अपने आदेश के तहत रूसी क्षेत्रों के प्रमुखों को दी जाने वाली अतिरिक्त शक्तियों का विवरण भी नहीं दिया. उन्होंने कहा, मौजूदा स्थिति में, मैं सभी रूसी क्षेत्रों के प्रमुखों को अतिरिक्त शक्तियां देना आवश्यक समझता हूं. रूसी नेता ने यूक्रेन में लड़ाई के मद्देनजर विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए एक समन्वय समिति की स्थापना का भी आदेश दिया, जिसे उन्होंने विशेष सैन्य अभियान कहा.
