VIDEO : नेपाल में बाढ़ का खौफनाक मंजर, दूर-दूर तक नजर आ रहा सिर्फ मलबे का ढेर

नेपाल में 26 अगस्त की बाढ़ ने हजारों लोगों को बेघर कर दिया. इस वीडियो में आप बाढ़ के बाद का डरा देने वाला मंजर देख सकते हैं.

Nepal Flood Aftermath Video : 26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. कुछ ही मिनटों के अंदर कई जिंदगियां तबाह हो गईं. गाड़ियां और घर ताश के पत्तों की तरह बह गए. इस त्रासदी में अब तक सरकारी आंकड़ों के आधार पर 258 लोगों के मरने की पुष्टी की जा चुकी है, जबकि 800 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. न्यूज एजेंसी एएनआई ने नुवाकोट जिले के देवीघाट की ड्रोन फुटेज शेयर की है, जिसमें बाढ़ का कहर साफ देखा जा सकता है.

बाढ़ के बाद का खौफनाक मंजर

जहां कल बाढ़ से पहले तक जिंदगी गुलजार थी, वहां कुछ ही मिनटों की तबाही में सैकड़ों जिंदगियां तबाह हो गई. अब हालात ऐसे हैं कि पूरा इलाका खाली पड़ा हुआ है. बाढ़ जैसी स्थिति इतनी जल्दी बन गई जिस दौरान लोगों को कुछ कर पाने का तो दूर सोचने का भी वक्त नहीं मिल सका. लोग बाढ़ की चपेट में आ गए, जो बचे वे सुरक्षित स्थानों की आस में हैं. जहां नजर आएगी सिर्फ मलबे का ढेर ही नजर आएगा.

नेपाल की मदद के लिए भारत का साथ

नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के राहत और बचाव अभियान को मजबूती देने के लिए भारत ने 37.5 टन HADR (मानवीय सहायता और आपदा राहत) सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट की दूसरी खेप भेजी है. यह खेप नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंपी गई. भारत ने एक बार फिर संकट की इस घड़ी में नेपाल और वहां के लोगों के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता जताई है.


ये भी पढ़ें: Nepal Flood Live: नेपाल बाढ़ में भारी तबाही: 258 लोगों की मौत, 300 भारतीय लापता; 21 को सुरक्षित बचाया गया


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >