नेपाल में तबाही का VIDEO: 800 मीटर लंबा ग्लेशियर गिरा था टूटकर, अब तक 669 मौतें, 2426 लापता

न्यूयॉर्क टाइम्स को मिले नए फुटेज में हिमालयी ग्लेशियर के टूटने का खौफनाक मंजर दिखाई दिया है. यह घटना नेपाल में 26 अगस्त को हुई थी, जिसके बाद अचानक बाढ़ आ गई थी. टूर गाइडों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में ग्लेशियर का 800 मीटर हिस्सा नीचे गिरते हुए देखा जा सकता है.

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का खौफनाक वीडियो सामने आया है. वीडियो में करीब 800 मीटर लंबा ग्लेशियर पहाड़ से टूटकर नीचे गिरता और अपने साथ बर्फ, पानी, कीचड़ व मलबे का सैलाब लाता नजर आ रहा है. इस आपदा में अब तक 669 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,426 लोग अभी भी लापता हैं.

तीन दिन बाद सामने आया ग्लेशियर टूटने का वीडियो

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ को मिले नए फुटेज में हिमालय की एक पहाड़ी की चोटी से ग्लेशियर टूटने के बाद का भयावह दृश्य कैद हुआ है. वीडियो में ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा अचानक पहाड़ से अलग होकर नीचे घाटी की तरफ गिरता दिखाई देता है. इसके साथ बर्फ, चट्टान, कीचड़ और पानी तेजी से नीचे की ओर बहते नजर आते हैं.

तिब्बत से टूर गाइड के समूह ने बनाया वीडियो

बताया गया है कि टूर गाइड जीहा यीति और उनके साथ मौजूद लोगों का समूह बुधवार सुबह तिब्बत में एक ऊंचे स्थान पर पहुंचा था. वहां से उन्हें नेपाल की सीमा के पार बर्फ से ढके पहाड़ और ग्लेशियर दिखाई दे रहे थे. इसी दौरान उन्होंने ग्लेशियर के टूटने की घटना को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया.

अचानक टूटकर नीचे गिरा विशाल ग्लेशियर

फुटेज में ग्लेशियर का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा अचानक टूटता दिखाई देता है. बर्फ और चट्टानों का यह विशाल हिस्सा पहाड़ से नीचे गिरते हुए घाटी की तरफ बढ़ता है. इसके बाद पूरे इलाके में धूल और मलबे का गुबार छा जाता है. वैज्ञानिकों के शुरुआती आकलन के मुताबिक, ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ से टूटकर हजारों फीट नीचे गिरा था.

बर्फ, पानी और मलबे ने मचाई तबाही

ग्लेशियर टूटने के बाद पहाड़ से नीचे की ओर पानी, बर्फ और मलबे का बेहद तेज बहाव शुरू हो गया. देखते ही देखते यह सैलाब नदी की घाटी में फैल गया और रास्ते में आने वाली इमारतों व अन्य ढांचों को अपनी चपेट में ले लिया. ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, पानी और मलबे का यह प्रवाह बेहद तेज था और कई जगहों पर इमारतें कुछ ही सेकेंड में इसकी चपेट में आ गईं.

रास्ते बंद मिले, तबाही का हुआ अंदाजा

टूर गाइड और उनका समूह जब बाद में पहाड़ से नीचे की ओर आया, तो उन्हें कई रास्ते बंद मिले. इसके बाद उन्हें आसपास के इलाकों में आई तबाही की जानकारी मिली. अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी नुकसान पहुंचाया है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.

वैज्ञानिकों के लिए भी बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ग्लेशियर टूटने की घटनाओं का पहले से सटीक अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है. हिमालय में बढ़ता तापमान, ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना और जमी हुई जमीन यानी पर्माफ्रॉस्ट का कमजोर होना पहाड़ी इलाकों को अस्थिर कर सकता है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, ऐसे घटनाक्रम भविष्य में और गंभीर आपदाओं का खतरा बढ़ा सकते हैं

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

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