Iran-US War : शुक्रवार (26 जून) को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया. अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक कमर्शियल कार्गो शिप पर हमला किया है. इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए. दोनों देशों के बीच यह पहली सीधी सैन्य कार्रवाई है, जो स्विट्जरलैंड में हुए एक समझौते के बाद सामने आई है. इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
ईरान ने किया अमेरिका पर पलटवार
हमले के कुछ ही देर बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. इससे पहले IRGC ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका के हमलों का जवाब जरूर दिया जाएगा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा कि वह अमेरिकी कार्रवाई का कड़ा और निर्णायक जवाब देगा. हमले में किन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया और कितना नुकसान हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है.
डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के दिए थे संकेत
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस संकेत के कुछ ही मिनट बाद हुई, जिसमें उन्होंने ईरान के द्वारा कमर्शियल कार्गो शिप पर हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की ओर इशारा किया था. जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या अमेरिका जवाब देगा, तो ट्रंप ने सिर्फ इतना कहा कि आपको जल्द ही पता चल जाएगा. इसके कुछ देर बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू कर दिए.
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अमेरिकी हमले के कुछ ही देर बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ऐलान किया कि अमेरिकी बलों ने ईरान के भीतर सटीक सैन्य कार्रवाई की है. CENTCOM के अनुसार, इन हमलों में चुनिंदा लक्ष्यों को निशाना बनाया गया.
