अमेरिका के एक और स्टेट ने दीपावली उत्सव को दी मान्यता, यहां रहते हैं 9000 हिंदू

US State Nebraska Diwali Festival: अमेरिका में भारतीय त्यौहारों को उत्सव के रूप में मान्यता देने की दिशा में एक और राज्य ने पहल की है. दीपावली को मान्यता देने के लिए राज्य की संसद में प्रस्ताव लाया गया था, जिसे 31 मार्च को पारित कर दिया गया. यह राज्य अमेरिका के एकमद बीचों-बीच स्थित है.

US State Nebraska Diwali Festival: अमेरिका के नेब्रास्का राज्य की विधायिका ने दीपावली उत्सव को आधिकारिक मान्यता देने वाला एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है. इस कदम को भारतीय महावाणिज्य दूतावास सिएटल ने राज्य में रह रहे हिंदू समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. यह पहल भारतीय परंपराओं को सम्मान देने की दिशा में अहम मानी जा रही है. 

यह प्रस्ताव राज्य सीनेटर जॉन फ्रेडरिकसन द्वारा प्रायोजित किया गया था. 31 मार्च को नेब्रास्का विधानसभा के स्पीकर जॉन आर्च ने इस पर हस्ताक्षर कर इसे औपचारिक रूप से पारित किया. इस फैसले के बाद दीपावली को राज्य स्तर पर मान्यता मिलने से भारतीय मूल के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.

इस प्रस्ताव के तहत इस वर्ष 20 अक्टूबर को राज्यपाल जिम पिलेन के नेतृत्व में गवर्नर हाउस में भव्य दीपावली समारोह आयोजित करने की योजना है. भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस उपलब्धि को साझा किया और इसे सांस्कृतिक समावेशन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया.

प्रस्ताव में कहा गया है कि दीपावली केवल एक धार्मिक त्योहार नहीं, बल्कि एकता और सद्भाव का प्रतीक है, जिसे विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग मिलकर मनाते हैं. साथ ही, यह पर्व अच्छाई, प्रकाश और ज्ञान की बुराई और अंधकार पर विजय का स्थायी संदेश देता है.

सिएटल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने अपने बयान में कहा कि यह निर्णय अमेरिका के मिडवेस्ट क्षेत्र में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. नेब्रास्का, जिसे “कॉर्नहस्कर स्टेट” के नाम से भी जाना जाता है, वहां लगभग 9,000 हिंदू निवास करते हैं. इस मान्यता से उनकी सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी.

नेब्रास्का राज्य में है 32 साल पुराना मंदिर

दूतावास ने यह भी बताया कि सीनेटर फ्रेडरिकसन लंबे समय से हिंदू समुदाय के समर्थक रहे हैं और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेते रहे हैं. उनके निर्वाचन क्षेत्र में 1993 में स्थापित हिंदू टेम्पल ऑफ ओमाहा स्थित है, जो स्थानीय भारतीय समुदाय का प्रमुख धार्मिक केंद्र है.

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अमेरिका का विशेष राज्य है नेब्रास्का

यह राज्य अमेरिका के बीचो-बीच स्थित है. यह 1867 में अमेरिकी फेडरेशन में शामिल होने वाला 37वां राज्य था. इसकी राजधानी लिंकन है, जबकि ओमाहा इस राज्य का सबसे बड़ा शहर है. यह मक्का, सोयाबीन और मवेशी उत्पादन में अमेरिका का सबसे अग्रणी राज्य है. इस प्रदेश में मक्के की खेती इतनी प्रसिद्ध है कि इसे देश का ‘कॉर्नहस्कर राज्य’ कहा जाता है.

ब्रिटनिका के अनुसार, नेब्रास्का का शासन एक ऐसे संविधान के तहत चलता है जो 1875 से लागू है और समय-समय पर इसमें संशोधन होते रहे हैं. इसकी विधायिका अमेरिका में अनूठी मानी जाती है, क्योंकि यह देश की एकमात्र एक-सदनीय (यूनिकैमरल) और गैर-पक्षपातपूर्ण विधानसभा है. 1934 के जनमत संग्रह के बाद 1937 से यह प्रणाली लागू हुई. यहां 49 सदस्य होते हैं, जिन्हें सीनेटर कहा जाता है और वे चार साल के लिए चुने जाते हैं.

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नेब्रास्का की विधानसभा का सत्र विषम वर्षों में 90 दिन और सम वर्षों में 60 दिन चलता है. हालांकि, गैर-पक्षपातपूर्ण व्यवस्था की आलोचना भी होती है, क्योंकि राजनीतिक दलों के न होने से लॉबिस्टों का प्रभाव बढ़ने की बात कही जाती है. नेब्रास्का में कार्यपालिका का नेतृत्व राज्यपाल करते हैं, जो उपराज्यपाल, सचिव, कोषाध्यक्ष, लेखा परीक्षक और अटॉर्नी जनरल के साथ चार साल के लिए चुने जाते हैं.

अब तक किन राज्यों ने दीपावली को दी है मान्यता

अमेरिका के मल्टीकल्चरल समाज में भारतीय पर्वों की स्वीकार्यता में  नेब्रास्का नया राज्य जुड़ा है. पेंसिल्वेनिया दीपावाली को आधिकारिक रूप से अवकाश के रूप में मान्यता देने वाला पहला राज्य बना था.  वहीं, कैलिफोर्निया और कनेक्टिकट में 2025 से दीपावाली पर राजकीय अवकाश की घोषणा की गई है. न्यूयॉर्क में न्यूयॉर्क शहर के सभी पब्लिक स्कूलों में दिवाली की आधिकारिक छुट्टी होती है. टेक्सास में भी दिवाली को आधिकारिक तौर पर मान्यता प्राप्त है. न्यू जर्सी के कुछ स्कूल और वर्जीनिया के फेरफैक्स काउंटी में भी स्कूल बंद रहते हैं.

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