UK-फ्रांस से नाराज ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर निकाली भड़ास, कहा- हमेशा याद रखेगा अमेरिका

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच यूके और फ्रांस पर अपनी खीझ निकाली है. सोशल ट्रूथ पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका कभी भी उनके रुख को नहीं भूलेगा. ट्रंप ने कहा कि नाटो सहयोगियों ने संकट की घड़ी में अमेरिका की मदद नहीं की, इसे अमेरिका याद रखेगा.

US Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी लड़ाई के बीच ब्रिटेन और फ्रांस पर भड़ास निकाली है. ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर लिखा कि इसे अमेरिका कभी नहीं भूलेगा. ट्रंप ने फ्रांस और यूके की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि इन देशों ने ईरान के खिलाफ अभियान में अमेरिका का साथ नहीं दिया. ऐसे में अब अमेरिका भी उनका साथ देने के लिए बाध्य नहीं होगा. ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि फ्रांस ने सैन्य सामग्री से लदे अमेरिकी विमानों को इजराइल जाने के दौरान अपने क्षेत्र के ऊपर से उड़ने नहीं दिया. ईरान मामले में फ्रांस का रवैया बेहद असहयोग वाल रहा. उन्होंने लिखा कि अमेरिका इसे हमेशा याद रखेगा.

ब्रिटेन समेत अन्य नाटो देशों पर ट्रंप का कटाक्ष

ट्रंप ने लिखा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की वजह से जिन देशों को जेट ईंधन नहीं मिल पा रहा, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम, जिसने ईरान पर कार्रवाई में शामिल होने से इनकार किया, उनके लिए मेरा सुझाव है- पहला, अमेरिका से तेल खरीदें, हमारे पास पर्याप्त मात्रा में तेल है. दूसरा, हिम्मत जुटाएं… होर्मुज पर जाएं और कब्जा करें. आपको खुद अपने लिए लड़ना सीखना होगा, अमेरिका आपकी मदद के लिए नहीं रहेगा, ठीक वैसे ही, जैसे आप हमारी मदद के लिए नहीं थे. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान लगभग पूरी तरह से तबाह हो चुका है. मुश्किल काम हो चुका है. अब जाओ, अपना तेल खुद हासिल करो!

ईरान के साथ लड़ाई में अकेले पड़े ट्रंप

ईरान के साथ जंग में किसी भी नाटो देश ने अमेरिका का साथ नहीं दिया है. ऐसे में ट्रंप समय-समय पर अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं. ट्रंप के इस बयान से भी उनकी नाराजगी साफ झलक रही है. जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेश, स्पेन समेत अन्य देशों ने न सिर्फ ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से इनकार किया, बल्कि अमेरिकी सेना को अपने क्षेत्र के इस्तेमाल से भी मना कर दिया.

अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर किया हमला

अमेरिका और ईरान की लड़ाई एक महीने से जारी है. मंगलवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्फहान परमाणु केंद्र पर हमला बोला. अमेरिकी हमलों के बाद इस्फहान शहर के आसमान में आग की ऊंची-ऊंची लपटें दिखीं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले का वीडियो भी शेयर किया है.

खाड़ी देशों का अनुरोध- ईरान के खिलाफ जारी रखें युद्ध

अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों ने डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि एक महीने से जारी हमलों के बाद भी ईरान अभी कमजोर नहीं हुआ है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन के प्रतिनिधियों कहा कि जब तक ईरान में नेतृत्व नहीं बदल जाता, तब तक अमेरिका अपनी कार्रवाई जारी रखे.

जल्द समझौता नहीं हुआ, तो हमले तेज करेगा अमेरिका- ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध के बीच यह भी दावा कर रहे हैं कि ईरान का नेतृत्व कमजोर हुआ है. वे समझौते के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही ट्रंप ईरान को चेतावनी भी दे रहे हैं कि यदि जल्द कोई समझौता नहीं हुआ, तो युद्ध को और तेज किया जा सकता है. अमेरिका बड़ा हमला कर सकता है. सोमवार को ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका ईरान के तेल कुएं, पावर प्लांट समेत अन्य ठिकानों को तबाह कर देगा.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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