US Iran War: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर भारत ने ईरानी राजदूत डॉ मोहम्मद फथअली को तलब किया. फथाली के सामने भारत ने गोलीबारी की घटना का कड़ा विरोध दर्ज कराया. ईरानी गोलीबारी के बाद दो भारतीय मालवाहक जहाजों को मार्ग बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा. इनमें भारतीय ध्वज वाला एक सुपर टैंकर भी शामिल है जो इराक से 20 लाख बैरल तेल लेकर जा रहा है. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर ने कहा कि टैंकर को कोई नुकसान नहीं हुआ और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं.
होर्मुज में ईरान-अमेरिका आमने-सामने
होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी दोहरी घेराबंदी खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है. एक ओर जहां अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के अपने अभियान को और तेज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने फिर से जलमार्ग को बंद कर दिया है और वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाज पर गोलीबारी करना शुरू कर दिया है.
ईरान की धमकी- बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जब तक प्रभावी रहेगी, तब तक होर्मुज बंद
ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पहले जैसी स्थिति में लौट आया है. इसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी प्रभावी रहेगी, तब तक वह जलडमरूमध्य में आवागमन को अवरुद्ध करना जारी रखेगा.
ट्रंप ने ईरान को फिर से धमकाया, बच नहीं पाएगा
होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों पर गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से धमकी दी है. उन्होंने कहा- हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकता. ईरान ने बहुत से लोगों को मारा है. 47 सालों तक वे हत्याएं करके बचते रहे. अब वे ऐसा करके बच नहीं पाएंगे. ट्रंप ने फिर से दोहराया- ईरान के पास न कोई नौसेना है, न कोई वायुसेना. उनके पास कोई नेता भी नहीं बचा है; उसके पास कुछ भी नहीं है, लेकिन हम उनसे बात कर रहे हैं.
