गोलीबारी से होर्मुज स्ट्रेट दहला, दो जहाजों पर ईरान का हमला, भारत ने विरोध दर्ज कराया

US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी बड़ा दी है. तो विरोध में ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद कर दिया है और जहाजों पर गोलीबारी शुरू कर दी है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने भारतीय ध्वज वाले जहाज पर गोलीबारी की है.

US Iran War: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हुई गोलीबारी की घटना को लेकर भारत ने ईरानी राजदूत डॉ मोहम्मद फथअली को तलब किया. फथाली के सामने भारत ने गोलीबारी की घटना का कड़ा विरोध दर्ज कराया. ईरानी गोलीबारी के बाद दो भारतीय मालवाहक जहाजों को मार्ग बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा. इनमें भारतीय ध्वज वाला एक सुपर टैंकर भी शामिल है जो इराक से 20 लाख बैरल तेल लेकर जा रहा है. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर ने कहा कि टैंकर को कोई नुकसान नहीं हुआ और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं.

होर्मुज में ईरान-अमेरिका आमने-सामने

होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी दोहरी घेराबंदी खतरनाक स्थिति में पहुंच गई है. एक ओर जहां अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के अपने अभियान को और तेज कर दिया है, वहीं दूसरी ओर ईरान ने फिर से जलमार्ग को बंद कर दिया है और वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाज पर गोलीबारी करना शुरू कर दिया है.

ईरान की धमकी- बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जब तक प्रभावी रहेगी, तब तक होर्मुज बंद

ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पहले जैसी स्थिति में लौट आया है. इसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी प्रभावी रहेगी, तब तक वह जलडमरूमध्य में आवागमन को अवरुद्ध करना जारी रखेगा.

ट्रंप ने ईरान को फिर से धमकाया, बच नहीं पाएगा

होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों पर गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर से धमकी दी है. उन्होंने कहा- हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकता. ईरान ने बहुत से लोगों को मारा है. 47 सालों तक वे हत्याएं करके बचते रहे. अब वे ऐसा करके बच नहीं पाएंगे. ट्रंप ने फिर से दोहराया- ईरान के पास न कोई नौसेना है, न कोई वायुसेना. उनके पास कोई नेता भी नहीं बचा है; उसके पास कुछ भी नहीं है, लेकिन हम उनसे बात कर रहे हैं.

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Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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