US Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच प्रतिदिन सैन्य टकराव बढ़ता जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पिकऐक्स माउंटेन इलाके पर हमला करने धमकी दी है. द हिंदू के मुताबिक, यह इलाका नतांज परमाणु केंद्र के पास स्थित है और इसे ईरान के सबसे सुरक्षित परमाणु ठिकानों में माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यहां बने गहरे सुरंग नेटवर्क तक पहुंचना बेहद मुश्किल है.
होर्मुज जलडमरूमध्य पर संघर्ष और गहराया
इस बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर पर हमला किया, जिसके बाद जहाज के चालक दल को उसे छोड़कर भागना पड़ा. जवाब में अमेरिका ने लगातार दस रात भी ईरान के ठिकानों पर हवाई हमले किए. इसके बावजूद ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ ढीली नहीं की है. इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस गुजरती है.
पुरानी तनातनी फिर बनी नए संकट की वजह
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु विवाद मुख्य रूप से अगस्त 2002 में शुरू हुआ, जब पश्चिमी खुफिया एजेंसियों ने ईरान के गुप्त नतांज परमाणु संवर्धन संयंत्र का खुलासा किया. इसके बाद 2015 में 'JCPOA' (परमाणु समझौते) के तहत तनाव कम हुआ था, लेकिन मई 2018 में अमेरिका के इस समझौते से बाहर होने पर विवाद फिर गहरा गया. हाल के दिनों में अमेरिकी हवाई हमलों और ईरानी जवाबी कार्रवाई ने पुराने विवाद को फिर से भड़का दिया है.
दुनिया की नजर, बढ़ सकती है तेल की कीमत
ईरान और अमेरिका के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव से वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है. यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संघर्ष और तेज होता है तो कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत का रास्ता खुलेगा या पश्चिम एशिया में युद्ध और व्यापक रूप लेगा.
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