US Iran war : अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार को मिडिल ईस्ट में तैनात अपनी सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को लेकर ईरान को सख्त संदेश दिया. एएनआई न्यूज एजेंसी मुताबिक,अमेरिकी मरीन सैनिक तैनाती के दौरान हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) वाहन की ट्रांसमिशन बदलने जैसे तकनीकी रखरखाव का काम तेजी कर रहे हैं. अमेरिकी कमांड ने कहा कि उसके सैन्य लॉजिस्टिक्स और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके सभी हथियार हर समय मिशन के लिए पूरी तरह तैयार रहें.
ईरानी संसद अध्यक्ष ने अमेरिका पर साधा निशाना
CENTCOM की इस पोस्ट के कुछ ही समय बाद ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार मिडिल ईस्ट में नए सैन्य उपकरण भेज रहा है, जबकि दावा शांति स्थापित करने का करता है. उन्होंने कहा कि ईरान अब अमेरिकी रणनीतियों को अच्छी तरह समझ चुका है और उसने उसी के अनुसार अपनी तैयारी कर ली है. उन्होंने कहा कि किसी भी देश के दावों की बजाय उसके कदम असली मंशा को दिखाते हैं.
अमेरिका-ईरान संघर्ष फिर हुआ तेज
अमेरिकी सेना ने सोमवार तड़के ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए. इससे पहले अमेरिका ने पुष्टि की थी कि इराक में एक और अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई है. अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह सैनिक एक गिराए गए ईरानी ड्रोन को नियंत्रित तरीके से निष्क्रिय करने के दौरान घायल हुआ था और बाद में उसकी मौत हो गई.
ईरान का जवाबी हमला, खाड़ी में बढ़ा खतरा
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया. बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पांचवां बेड़ा (5th Fleet) मौजूद है, जिससे इस हमले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. इन घटनाओं के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सैन्य संघर्ष की आशंका और बढ़ गई है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर संकट, तेल बाजार में उछाल
US- ईरान संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है. रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से समुद्री आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है, जबकि दोनों पक्ष महत्वपूर्ण नागरिक ढांचे को भी निशाना बना रहे हैं. इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा गया है.
ट्रंप का सख्त संदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ताजा सैन्य कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमने उन्हें आज रात फिर बहुत जोरदार जवाब दिया." उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई उन अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में की गई है. जिन्होंने हालिया घटनाओं में अपनी जान गंवाई. ट्रंप के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल अपने सैन्य अभियान को जारी रखने के मूड में है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ने की आशंका है.
यह भी पढ़ें- कुवैत का दावा : ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमला, अलर्ट मोड पर एयर डिफेंस सिस्टम
