ट्रंप प्रशासन के इस नए नियम का असर छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और स्थायी नागरिकता का इंतजार कर रहे कई भारतीयों पर पड़ सकता है. अब ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले प्रवासियों को अमेरिका छोड़कर अपने देश वापस जाना होगा और वहीं से पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. पहले लोग आवेदन के दौरान अमेरिका में रह सकते थे, लेकिन अब नियम बदल दिया गया है.
USCIS (US Citizenship and Immigration Services) की नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले प्रवासियों को आमतौर पर अपने देश लौटकर ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी. यानी आवेदन के दौरान अमेरिका में रुकने की सुविधा अब सीमित हो जाएगी.
क्या होता है ग्रीन कार्ड?
ग्रीन कार्ड अमेरिका का एक आधिकारिक पहचान पत्र होता है, जो किसी विदेशी नागरिक को वहां स्थायी रूप से रहने का अधिकार देता है. ग्रीन कार्ड मिलने के बाद व्यक्ति अमेरिका में कहीं भी रह सकता है, ज्यादातर जगहों पर नौकरी कर सकता है, पढ़ाई कर सकता है और नियमों के तहत देश के बाहर आ-जा भी सकता है. बाद में वह अमेरिकी नागरिकता के लिए भी आवेदन कर सकता है.
USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर ने क्या कहा ?
USCIS के प्रवक्ता जैक काहलर ने कहा कि अब जो लोग अस्थायी तौर पर अमेरिका में रह रहे हैं और ग्रीन कार्ड चाहते हैं, उन्हें आवेदन के लिए अपने देश लौटना होगा. सिर्फ बेहद खास परिस्थितियों में ही किसी को अमेरिका में रहकर प्रक्रिया पूरी करने की छूट मिलेगी.
अमेरिका के इस नए फैसले का असर वहां रह रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों, H-1B वीजा कर्मचारियों और पर्यटकों पर पड़ सकता है, जो बिना देश छोड़े ग्रीन कार्ड लेना चाहते थे. USCIS का कहना है कि अब इमिग्रेशन प्रक्रिया को कानून के मूल नियमों के मुताबिक सख्ती से लागू किया जाएगा.
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने क्या कहा
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने कहा है कि जो लोग अस्थायी तौर पर अमेरिका में हैं और ग्रीन कार्ड चाहते हैं, उन्हें अपने देश लौटकर आवेदन करना होगा. विभाग का कहना है कि यह कदम इमिग्रेशन सिस्टम को कानून के मुताबिक चलाने के लिए उठाया गया है. साथ ही सरकार ने साफ कहा कि अब इमिग्रेशन नियमों में लूपहोल का फायदा उठाने का दौर खत्म किया जा रहा है.
