ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी, अमेरिकी सेना ने 38 जहाजों को वापस भेजा

US Iran War: दूसरे दौर की शांति वार्ता विफल होने के बाद ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी और सख्त कर दी है. आने-जाने वाले हर जहाजों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

US Iran War: अमेरिकी सेना ने 38 जहाजों को ईरानी बंदरगाह वापस भेज दिया है. इसकी जानकारी यूएस सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर दी है. अपने पोस्ट में बताया- अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी रखे हुए हैं. जहाजों को अंदर आने या बाहर जाने से रोका जा रहा है. अमेरिकी सेनाओं ने 38 जहाजों को वापस बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है.

ईरानी विदेश मंत्री कर रहे ताबड़तोड़ दौरा, ओमान और पाक के बाद अब रूस पहुंचे

अमेरिका के साथ दूसरे दौर की वार्ता से इनकार करने के बाद ईरानी विदेश मंत्री ताबड़तोड़ दौरा कर रहे हैं. अब्बास अराघची दो बार पाकिस्तान जा चुके हैं. दोनों ही यात्रा में पाक सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल मुनीर और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद अराघची शनिवार को इस्लामाबाद से ओमान चले गए. वहां से निकलकर फिर से पाकिस्तान पहुंच गए. पाकिस्तान दौरा समाप्त कर अराघची रूस के लिए रवाना हो गए.

ओमान में ईरानी विदेश मंत्री ने सुल्तान हैथम से मुलाकात की

ओमान दौरे में ईरानी विदेश मंत्री ने सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सैद से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और ईरान-अमेरिका संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत की.

अमेरिका ने अपने प्रतिनिधियों को नहीं भेजा इस्लामाबाद

ईरानी विदेश मंत्री अराघची के ओमान रवाना होने के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे.हालांकि यूएस ने पहले वार्ता के लिए पाकिस्तान जाने का फैसला किया था. 11 और 12 अप्रैल को दोनों देशों के बीच पहले दौर की वार्ता हुई थी, जिसमें कोई सहमति नहीं बन पाई थी.

ट्रंप ने ईरान को दिया एक और ऑफर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया – अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं. उन्होंने कहा, हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं. अगर वे बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं, या वे हमें फोन कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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