नयी दिल्ली : गैर वरीयता प्राप्त चेक गणराज्य की 25 वर्षीया बारबोरा क्रेजसिकोवा ने शनिवार को फ्रेंच ओपन के फाइनल में 31वीं वरीयता प्राप्त रूस की अनास्तासिया पाव्लुचेंकोवा को 6-1, 2-6, 6-4 से हराकर महिला एकल के अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब पर कब्जा जमाया.
बारबोरा क्रेजसिकोवा ने पहले सेट में 29 वर्षीया रूस की रूस की अनास्तासिया पाव्लुचेंकोवा को आसानी से अपने नाम करते हुए 6-1 से बढ़त बना ली. हालांकि, दूसरे सेट में अनास्तासिया पाव्लुचेंकोवा ने बारबोरा क्रेजसिकोवा को कड़ा मुकाबला देते हुए 2-6 से सेट को अपने नाम कर लिया.
तीसरे सेट में खेल पहुंचने से महिला एकल का मुकाबला और रोमांचक हो गया. चेक गणराज्य की बारबोरा क्रेजसिकोवा तीसरे सेट में अनास्तासिया पाव्लुचेंकोवा को कोई मौका देना नहीं चाहती थी. 31वीं वरीयता प्राप्त अनास्तासिया पाव्लुचेंकोवा ने भी कड़ा मुकाबला किया. इसके बावजूद कड़े संघर्ष के बाद बारबोरा क्रेजसिकोवा ने 6-4 से तीसरे सेट में शिकस्त देते हुए महिला एकल का खिताब जीत लिया.
बारबोरा क्रेजिसिकोवा अब एक ही साल में फ्रेंच ओपन का एकल और युगल खिताब जीतनेवाली पहली महिला बनने की कोशिश करेंगी. मालूम हो कि इससे पहले यह कारनामा साल 2000 में मैरी पियर्स ने किया था. मालूम हो कि क्रेजसिकोवा और उनकी जोड़ीदार कटेरिया सिनियाकोवा के पास पहले से ही दो ग्रैंड स्लैम युगल खिताब हैं. अब पेरिस में रविवार को फाइनल में खेलना है.
बारबोरा क्रेजिसिकोवा अब तक डबल्स ग्रैंड स्लैम का खिताब जीत चुकी हैं. साल 2018 में फ्रेंच ओपन व विंबलडन और साल 2019 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब अपने नाम कर सकी हैं. साथ ही वह फ्रेंच ओपन के डबल्स के फाइनल में भी पहुंच चुकी हैं. मालूम हो कि रूस की अनास्तासिया पाव्लुचेंकोवा 50 से ज्यादा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट खेलते हुए 31वें पायदान पर हैं.
