Russia Ukraine War: पोलैंड ने जासूसी के आरोप में 45 रूसी डिप्लोमैट को देश से निकाला

Russia Ukraine War रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है. इस बीच पोलैंड ने 45 रूसी जासूसों को निकाल दिया है, जो डिप्लोमैट बन कर वहां रह रहे थे. न्यूज एजेंसी एएफपी ने यह जानकारी दी है.

Russia Ukraine War रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है. रूस और यूक्रेन के बीच लगातार 28वें दिन जारी लड़ाई के दौरान रूसी सेना कीव समेत कई शहरों पर हमले कर रही है. फिलहाल दोनों देशों में कोई भी देश झुकने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है. इस बीच पोलैंड ने 45 रूसी जासूसों को निकाल दिया है जो डिप्लोमैट बन कर वहां रह रहे थे. न्यूज एजेंसी एएफपी ने यह जानकारी दी है.

सुरक्षा एजेंसी के इनपुट पर हुई कार्रवाई

मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि पोलैंड की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी ने दावा है कि उसने इन संदिग्ध रूसी खुफिया अधिकारियों की पहचान की है, जो राजनयिक के तौर देश में रह रहे थे. पोलैंड की सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए विदेश मंत्रालय से इन सभी को देश से बाहर निकालने की मांग की गई थी. बताया गया कि ये सभी पोलैंड में रह कर जासूसी कर रहे थे.


एक पोलिश नागरिक को भी हिरासत में लिया गया

न्यूज चैनल आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, पोलैंड के सुरक्षा मामलों के प्रवक्ता स्टैनिस्लाव जरीन ने कहा कि पोलैंड और उसके सहयोगियों के प्रति रूस की नीति और यूक्रेन पर रूसी हमले को देखते हुए आतंरिक सुरक्षा एजेंसी प्रमुख ने चिन्हित व्यक्तियों के निष्कासन की मांग की थी. सुरक्षा एजेंसी ने यह भी कहा कि उसने रूसी खुफिया सेवाओं के लिए जासूसी के संदेह में एक पोलिश नागरिक को भी हिरासत में लिया है. बताया गया कि वह राजधानी वॉरसॉ के रजिस्ट्री कार्यालय में काम करता था और शहर के अभिलेखागार तक उसकी पहुंच थी.

यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से अमेरिका के सहयोगी देश एकजुट

वहीं, यूक्रेन संकट से संबंधित तीन शिखर वार्ताओं के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आधिकारिक विमान एयरफोर्स वन के ब्रसेल्स की धरती पर उतरने से पहले पश्चिमी सहयोगी देश एकजुट नजर आ रहे हैं. इसकी मुख्य वजह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हैं. यूक्रेन पर 24 फरवरी से शुरू हुए रूसी हमले के बाद अमेरिका के सहयोगी देश एकजुट नजर आ रहे हैं. इन देशों ने अभूतपूर्व प्रतिबंधों से रूस की कमर तोड़ने और यूक्रेन को मदद करने के लिए त्वरित कदम उठाये. बाइडन 12 घंटों के भीतर तीन शिखर वार्ताओं में शिरकत करेंगे, जिनमें उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO), जी-7 और यूरोपीय संघ की बैठकें शामिल हैं.

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