Lindsey Graham Death: अमेरिकी सीनेटर और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया. वे सीनेटर (सांसद) के तौर पर दक्षिण कैरोलिना का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. उनके ऑफिस द्वारा रविवार को इसकी पुष्टि की गई. कार्यालय ने एक बयान में बताया कि सीनेटर का निधन रविवार की शाम हुआ. वे काफी दिनों से बीमार थे. हालांकि उनकी बीमारी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.
भारतीय अर्थव्यवस्था को कुचलने की धमकी
रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर ग्राहम ने भारत के खिलाफ कई विवादास्पद बयान दिए थे. उन्होंने भारत पर भारी आर्थिक दबाव बनाने के लिए 500% तक आयात शुल्क (Tariff) लगाने वाले विधेयक का भी पुरजोर समर्थन किया था. उन्होंने भारत, चीन और ब्राजील सहित रूस का सहयोग या उनसे तेल खरीदने को लेकर अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी थी.
लिंडसे का राजनीतिक जीवन
लिंडसे ग्राहम रिपब्लिकन पार्टी से 2003 से जुड़े हुए थे. उन्हें अमेरिका की वर्तमान राजनीति में प्रमुख राजनीतिक चेहरों में गिना जाता था. साल दर साल लिंडसे कई सांसद समितियों से जुड़े और अपनी पहचान राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के विशेषज्ञ के रूप में बनाई.
ट्रंप के आलोचक से बने समर्थक
डोनाल्ड ट्रंप की 2016 में चुनाव कैंपेनिंग के दौरान लिंडसे ग्राहम ट्रंप के आलोचक हुआ करते थे. वहीं बाद में वे ट्रंप के मुखर समर्थकों में शामिल हो गए और ट्रंप ने उन्हें रिपब्लिकन पार्टी में सबसे करीबी सहयोगी बना लिया. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपतियों की पॉलिसी का अक्सर समर्थन किया और रूढ़िवादी नेताओं के बीच एक प्रभावशाली आवाज बने रहे.
अमेरिकी सेना के वकील भी रहे
सीनेट में शामिल होने से पहले, ग्राहम ने 1995 से 2003 तक अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में सेवा दी. वे कानूनी पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते थे और उन्होंने अमेरिकी वायु सेना रिजर्व में सैन्य वकील के रूप में भी काम किया था.
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