ईरान जंग पर साथ न देने से भड़के ट्रंप: इटली-स्पेन से अमेरिकी फौज हटाने की दी धमकी, नाटो में मची हलचल

Trump Threatens NATO: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही जंग के बीच अपने ही सहयोगियों को खरी-खोटी सुनाई है. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वे इटली और स्पेन में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या में कटौती कर सकते हैं.

Trump Threatens NATO: ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक कहा कि हां, शायद मैं ऐसा करूंगा. आखिर मुझे ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए? ट्रंप का कहना है कि ईरान विवाद पर इटली ने उनकी कोई मदद नहीं की और स्पेन का रवैया तो बहुत ही खराब रहा है.

ईरान विवाद ने बढ़ाई दूरियां

यह तनाव तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया. नाटो के कई देश इस युद्ध में सीधे शामिल होने से बच रहे हैं, जिससे ट्रंप नाराज हैं. वे चाहते हैं कि उनके सहयोगी ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को फिर से खोलने में मदद करें, जो तेल की सप्लाई के लिए बहुत जरूरी रास्ता है और इस जंग की वजह से बंद पड़ा है.

इटली, स्पेन और जर्मनी में कितने अमेरिकी सैनिक?

अमेरिका अब यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी की समीक्षा कर रहा है. 31 दिसंबर 2025 के आंकड़ों के मुताबिक:

  • जर्मनी: यहां सबसे ज्यादा 36,436 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.
  • इटली: यहां 12,662 एक्टिव-ड्यूटी सैनिक मौजूद हैं.
  • स्पेन: यहां 3,814 सैनिकों की तैनाती है.
  • ट्रंप का कहना है कि ये देश अपनी रक्षा के लिए तय बजट खर्च नहीं कर रहे हैं और न ही जंग में साथ दे रहे हैं.

नेताओं पर साधा निशाना: मेलोनी को बताया ‘कमजोर’

ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की भी आलोचना की है. उन्होंने एक इतालवी अखबार से बातचीत में कहा कि मेलोनी के पास ईरान मामले पर ‘साहस’ की कमी है. वहीं, स्पेन के खिलाफ नाराजगी इतनी ज्यादा है कि एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका उसे नाटो से बाहर करने के रास्तों पर भी विचार कर रहा है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

जर्मनी के चांसलर से भी ठनी

ट्रंप की नाराजगी सिर्फ इटली और स्पेन तक सीमित नहीं है. उन्होंने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर सोशल मीडिया के जरिए निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें दूसरे देशों के मामलों में दखल देने के बजाय अपने देश की ऊर्जा और इमिग्रेशन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. ट्रंप का मानना है कि ईरान पर हमला पूरी दुनिया को सुरक्षित बना रहा है, जबकि जर्मन चांसलर ने इस रणनीति पर सवाल उठाए थे.

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यूरोप की प्रतिक्रिया

जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने कहा है कि वे अमेरिकी सैनिकों की कटौती की संभावना के लिए तैयार हैं और नाटो के भीतर इस पर चर्चा की जा रही है. वहीं, चांसलर ने साफ किया कि इस तनाव के बावजूद वे नाटो और अमेरिका के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत बनाए रखना चाहते हैं.

जंग का दुनिया पर असर

अमेरिका और इजरायल ने यह जंग ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए शुरू की है. लेकिन बिना सलाह के शुरू किए गए इस एक्शन से ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं. स्पेन ने इजरायल द्वारा गाजा जाने वाले सहायता जहाजों को रोकने की भी निंदा की है, जिससे अमेरिका और उसके पुराने दोस्तों के बीच की दरार अब और चौड़ी होती दिख रही है.

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लेखक के बारे में

Published by: Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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