Iran War Trump Hormuz Mission: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ईरान अभियान को लेकर किसी भी तरह की रियायत किसी को नहीं दे रहे. उन्होंने पहले ब्रिटेन को लताड़ लगाई, फिर नाटो पर हमला बोला और कहा कि नाटो का फ्यूचर बहुत खराब होगा, अगर उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट संकट को समाप्त करने में मदद नहीं की. अब ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निशाना साधा है. मंगलवार को उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि फ्रांस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा (एस्कॉर्ट) में तभी मदद करेगा जब मौजूदा संघर्ष समाप्त हो जाएगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि मैक्रों जल्द ही पद से बाहर हो जाएंगे.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को कहा कि उनका देश होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने में मदद करने के लिए तैयार है, लेकिन यह मिशन मौजूदा पश्चिम एशिया संघर्ष से अलग होगा. वह यूरोपीय देशों से फारस की खाड़ी में युद्धपोत भेजने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आह्वान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. उन्होंने कहा, ‘हम इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं, इसलिए फ्रांस होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने या मुक्त कराने के अभियानों में कभी भाग नहीं लेगा.’
राष्ट्रपति भवन में सुरक्षा बैठक से पहले उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी मिशन के लिए ‘ईरान के साथ चर्चा और तनाव कम करना’ आवश्यक होगा और यह ‘जारी सैन्य अभियानों तथा बमबारी से पूरी तरह से अलग’ होना चाहिए. उन्होंने आगे कहा, ‘हालांकि, हमें विश्वास है कि जब स्थिति शांत होगी… तब हम अन्य देशों के साथ मिलकर जहाजों की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं.’
ट्रंप ने नाटो के बयान पर प्रतिक्रिया दी और कहा, ‘मैं पिछले कुछ हफ्तों से देख रहा हूं कि हमारे सभी नाटो सहयोगी हमारे कदमों का समर्थन कर रहे थे… लेकिन वे हमारी मदद नहीं करना चाहते, जबकि हम उनकी इतनी मदद करते हैं… मुझे लगता है कि नाटो बहुत बड़ी गलती कर रहा है.’ ओवल ऑफिस में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में ट्रंप ने मैक्रों के बयान पर कहा, ‘वह बहुत जल्द पद से बाहर हो जाएंगे, इसलिए देखना होगा. मुझे नहीं पता.’
राष्ट्रपति इमैनुएल फ्रांस में अगला राष्ट्रपति चुनाव अप्रैल 2027 में प्रस्तावित है. फ्रांस का संविधान एक व्यक्ति को दो बार ही राष्ट्रपति बनने की इजाजत देता है और मैक्रों का यह दूसरा टर्म है. वे 7 मई 2017 को पहली बार प्रेसिडेंट चुने गए थे, जबकि 24 अप्रैल 2022 को उन्होंने दूसरी बार शपथ ली. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान फ्रांस के चुनाव को लेकर ही था.
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जिनसे मांगी मदद उन्होंने ट्रंप को किया इनकार
हालांकि, ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ट्रंप ने अमेरिका के सहयोगियों से इस अहम जलमार्ग की सुरक्षा में मदद करने की मांग की है. नाटो ने कहा कि यह युद्ध यूरोप का नहीं है, इसलिए वह कोई मदद नहीं भेजेगा. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि वे सहयोगियों के साथ मिलकर स्ट्रेट को दोबारा खोलने के लिए एक ‘व्यवहारिक’ योजना पर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने नाटो मिशन से इनकार कर दिया. वहीं, जर्मनी के अधिकारियों ने भी कहा कि ‘यह युद्ध नाटो का मामला नहीं है.’ वहीं, जापान, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, स्पेन, ग्रीस और स्वीडन जैसे देशों ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य भूमिका से दूरी बना ली है.
नाराज ट्रंप अकेले ही लड़ रहे
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया है.अमेरिका खुद ही इसे खोलने के लिए अकेले जोर लगा रहा है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को इस अहम तेल मार्ग की सुरक्षा के लिए किसी की मदद की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हमें किसी की जरूरत नहीं है. हम दुनिया का सबसे मजबूत देश हैं. हमारी सेना दुनिया में सबसे शक्तिशाली है.’ उन्होंने फिर दोहराया कि नाटो सदस्य सामूहिक रक्षा के विचार के बावजूद मदद नहीं कर रहे हैं.
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वहीं, व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि तेल टैंकर धीरे-धीरे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना शुरू कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दोहराया कि यह युद्ध महीनों नहीं बल्कि कुछ हफ्तों तक ही चलेगा. ट्रंप ने भी सोमवार को कहा था कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध ‘जल्द’ खत्म हो सकता है, हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि यह मौजूदा हफ्ते में खत्म होना मुश्किल है.
