Trump claims Iran Executions: ट्रंप ने दावा किया कि ईरान में पिछले दो महीनों के अंदर करीब 42,000 मासूम लोगों को मारा गया है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान की सरकार 8 महिलाओं को फांसी देने वाली थी, लेकिन उन्होंने खुद फोन करके इसे रुकवाया. ट्रंप ने कहा कि मैंने उनसे कहा कि ऐसा मत करो, पूरी दुनिया तुम्हें देख रही है. अच्छी बात है कि उन्होंने मेरी बात मान ली. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने एक पहलवान और उसके साथियों को सिर्फ विरोध प्रदर्शन करने की वजह से फांसी पर चढ़ा दिया.
ईरान की सेना और अर्थव्यवस्था पूरी तरह पस्त
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को ‘युद्ध’ के बजाय ‘मिलिट्री ऑपरेशन’ कहना बेहतर समझा. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी पाबंदियों (ब्लॉकैड) की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गई है और उनके पास तेल बेचने का पैसा नहीं आ रहा है. ट्रंप के अनुसार, इस ऑपरेशन ने ईरान की सैन्य ताकत को काफी नुकसान पहुंचाया है:
- ईरान की नेवी और एयरफोर्स लगभग खत्म हो गई है.
- ड्रोन बनाने वाली फैक्ट्रियां 82% तक बंद हो गई हैं.
- मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियां 90% तक तबाह हो चुकी हैं.
- ट्रंप ने साफ किया कि वह ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे.
टैरिफ की धमकी देकर रुकवा दी भारत-पाकिस्तान की जंग
ट्रंप ने साल 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर भी अपनी भूमिका का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि जब दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देश आपस में लड़ रहे थे और 11 विमान गिराए जा चुके थे, तब उन्होंने ‘टैरिफ’ (टैक्स) लगाने की धमकी दी थी. ट्रंप ने कहा कि मैंने दोनों देशों से कहा कि अगर लड़ना बंद नहीं किया, तो मैं भारी टैक्स लगा दूंगा. इसके बाद वे तुरंत मान गए. ट्रंप का दावा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि उन्होंने 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बचा ली. ट्रंप के मुताबिक, उन्हें इस काम के लिए नोबेल कमेटी को भेजने के लिए कई लेटर भी मिले हैं.
भारत का पक्ष ट्रंप के दावों से अलग
एक तरफ जहां ट्रंप मई 2024 से अब तक 80 से ज्यादा बार इस जंग को रुकवाने का क्रेडिट खुद ले चुके हैं, वहीं भारत का रुख इससे अलग है. भारतीय पक्ष के अनुसार, युद्ध ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुई सैन्य गतिविधियों के बाद रुका था. भारत का कहना है कि जब पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (DGMO) ने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया, तब जाकर सीमा पर शांति बहाल हुई थी.
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ईरान ने दी पलटवार की चेतावनी
ट्रंप के इन दावों के बीच ईरान की संसद के स्पीकर एमबी गालिबाफ ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि तेहरान अब फारस की खाड़ी की सुरक्षा खुद करेगा और ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर अपना कंट्रोल बढ़ाकर अमेरिकी दखलंदाजी को पूरी तरह खत्म कर देगा.
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