Iran: ईरान की सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों को ‘हस्तक्षेप करने वाला’ और ‘उकसाने वाला’ बताया है. सरकार ने साफ किया कि ‘कट्टरपंथी’ या ‘उदारवादी’ जैसे शब्द सिर्फ एक लेबल हैं, जबकि हकीकत में पूरा देश एक साथ खड़ा है.
संसद अध्यक्ष बोले- हम सब एकजुट हैं
ईरान की संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने भी इस मौके पर एक मजबूत संदेश जारी किया. उन्होंने कहा कि ईरान में कोई गुटबाजी नहीं है; सब एकजुट होकर सुप्रीम लीडर के आदेशों का पालन कर रहे हैं. गालिबाफ ने कहा कि एक खुदा, एक नेता, एक राष्ट्र और एक ही रास्ता; और वह रास्ता ईरान की जीत का है. सरकार ने एक फोटो भी शेयर की है जिसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद अध्यक्ष गालिबाफ और न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई एक साथ नजर आ रहे हैं.
ईरान की सेना IRGC के पास है ताकत
खबरों के मुताबिक, मुजतबा खामेनेई ईरान के नए सुप्रीम लीडर हैं. वह पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं, जिनकी 28 फरवरी को युद्ध के पहले दिन हवाई हमलों में मौत हो गई थी. स्टेट मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 8 मार्च को मुजतबा को नया लीडर चुना गया, हालांकि वे अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं.
अल जजीरा की रिपोर्ट बताती है कि ईरान की सेना यानी IRGC के पास काफी ताकत है और वे सीधे सुप्रीम लीडर के अंडर काम करते हैं. अल जजीरा के एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि जो ईरानी अधिकारी अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे हैं, वे IRGC के ज्यादा करीब हैं.
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ट्रंप ने बढ़ाया सीजफायर
मंगलवार (21 अप्रैल) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर (गोलीबारी रोकने) की अवधि बढ़ाने का ऐलान किया. ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ईरान की सरकार अंदरूनी तौर पर काफी बिखरी हुई है, इसलिए उन्हें बातचीत के लिए एक ठोस प्रस्ताव तैयार करने के लिए और वक्त दिया जा रहा है.
ट्रंप ने बताया कि यह फैसला पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसीम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की गुजारिश पर लिया गया है. ट्रंप के मुताबिक, इन नेताओं ने अनुरोध किया था कि ईरान पर हमला तब तक न किया जाए जब तक उनके प्रतिनिधि एक साझा प्रस्ताव लेकर सामने नहीं आते.
