डोभाल और वांग यी के बीच सीमा विवाद पर बातचीत, शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले मुलाकात खास क्यों?

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच मंगलवार को विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता हुई. दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई.

India-China relation : राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने मंगलवार को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत की. इस बैठक में भारत-चीन सीमा विवाद के साथ दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई.

सीमा पर शांति बनाए रखने पर जोर

दोनों देशों के बीच 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद रिश्तों में काफी तनाव आया था. पूर्वी लद्दाख में लंबे समय तक सैन्य गतिरोध भी रहा. इसके बाद दोनों देश सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के साथ रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश कर रहे हैं.

चीन के उपराष्ट्रपति से भी मिले डोभाल

डोभाल ने अपनी दो दिवसीय चीन यात्रा के दौरान सोमवार को चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात की. इस दौरान सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता मजबूत करने के साथ आर्थिक, राजनीतिक और बहुपक्षीय क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई.

हान झेंग ने कहा कि भारत और चीन को अपने रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से देखना चाहिए. उन्होंने दोनों देशों के बीच रणनीतिक भरोसा बढ़ाने और मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने पर भी जोर दिया.

शी जिनपिंग की आ सकते हैं भारत

डोभाल और वांग यी के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब सितंबर में भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होना है. इस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना है. ब्रिक्स समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होना है. ऐसे में डोभाल और वांग यी की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है.

मुलाकात क्यों है खास?

डोभाल और वांग यी की यह मुलाकात सितंबर 2026 में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले बेहद अहम है. इसका मुख्य उद्देश्य चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे और पीएम मोदी से बातचीत के लिए सुरक्षित जमीन तैयार करना है, ताकि पूर्वी लद्दाख सीमा पर तनाव कम कर द्विपक्षीय व आर्थिक संबंधों को सुधारा जा सके.

सीमा विवाद पर बातचीत का मुख्य मंच

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत भारत-चीन सीमा विवाद पर दोनों देशों के बीच संवाद का मुख्य माध्यम है. इस बैठक में सीमा विवाद के अलावा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया.

2020 के बाद रिश्तों में धीरे-धीरे सुधार

गलवान की घटना के बाद भारत और चीन के संबंधों में काफी कड़वाहट आई थी. हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों ने तनाव कम करने और द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं. विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत भी इसी कोशिश का हिस्सा है.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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