अफगानिस्तान में मार्च के अंत तक लड़कियों का स्कूल खोल देगा तालिबान! शासकों ने किया दावा

बताते चलें कि 15 अगस्त 2021 को तालिबानियों ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा जमा लिया था. सत्ता पर कब्जे के बाद से अफगानिस्तान के अधिकतर इलाकों में लड़कियों को सातवीं कक्षा के बाद स्कूल जाने की अनुमति नहीं दी गई है.

काबुल : अफगानिस्तान में गोलियों के दम पर सत्ता हथियाने वाले और महिलाओं को सरेआम पीटने वाले तालिबानी शासक अब वहां पर लड़कियों के लिए स्कूल खोलने का दावा कर रहे हैं. अफगानिस्तान के नए तालिबानी शासकों का कहना है कि वे मार्च के अंत में देश भर में लड़कियों के लिए सभी स्कूल खोलने की उम्मीद करते हैं. तालिबान के एक प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एक प्रमुख मांग के संदर्भ में शनिवार को ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से पहली बार इस बारे में एक तय समयसीमा साझा की.

बताते चलें कि 15 अगस्त 2021 को तालिबानियों ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा जमा लिया था. सत्ता पर कब्जे के बाद से अफगानिस्तान के अधिकतर इलाकों में लड़कियों को सातवीं कक्षा के बाद स्कूल जाने की अनुमति नहीं दी गई है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय तालिबान द्वारा संचालित सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता देने का इच्छुक नहीं दिखता और उसे डर है कि वे उसी तरह के कठोर उपाय लागू कर सकते हैं जैसे कि उनके पिछले शासन के दौरान 20 साल पहले लागू थे. उस समय महिलाओं को शिक्षा, काम और सार्वजनिक जीवन से प्रतिबंधित कर दिया गया था.

अफगान नववर्ष के बाद खुलेंगे लड़कियों के स्कूल

तालिबान के संस्कृति और सूचना उपमंत्री जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि उनका शिक्षा विभाग 21 मार्च से शुरू होने वाले अफगान नववर्ष के बाद सभी लड़कियों और महिलाओं के लिए कक्षाएं खोलना चाहता है. अफगानिस्तान पड़ोसी ईरान की तरह इस्लामी सौर हिजरी शम्सी कैलेंडर को मानता है. मुजाहिद ने एक साक्षात्कार में कहा कि लड़कियों और महिलाओं के लिए शिक्षा ‘क्षमता का सवाल है.’ उन्होंने कहा कि लड़कियों और लड़कों के लिए स्कूलों में पूरी तरह से अलग प्रबंध होना चाहिए.

छात्रावास बनाना सबसे बड़ी चुनौती

जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अब तक की सबसे बड़ी बाधा पर्याप्त छात्रावास ढूंढना या बनाना है, जहां लड़कियां स्कूल जाते समय रह सकें. उन्होंने कहा कि घनी आबादी वाले इलाकों में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग कक्षाएं होना ही पर्याप्त नहीं है, अलग-अलग स्कूल भवनों की जरूरत है. मुजाहिद ने कहा कि हम लड़कियों की शिक्षा के खिलाफ नहीं हैं.

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काबुल में खुल रहे यूनिवर्सिटी और हाई स्कूल

तालिबान के आदेशों में अब तक एकरूपता नहीं रही है और वे प्रांत-दर-प्रांत बदलते रहते हैं. देश के 34 प्रांतों में से लगभग 10 को छोड़कर कक्षा सात के बाद के सरकारी स्कूलों में लड़कियों को कक्षाओं में जाने की अनुमति नहीं है. राजधानी काबुल में निजी विश्वविद्यालयों और हाई स्कूलों का संचालन हालांकि निर्बाध रूप से जारी है. अधिकांश छोटे समूहों में लड़कों और लड़कियों को हमेशा अलग किया जाता है. मुजाहिद ने कहा कि हम आने वाले साल तक इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि स्कूल और विश्वविद्यालय खुल सकें.

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