होर्मुज स्ट्रेट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि एक सुपर टैंकर दो समुद्री बारूदी सुरंगों (माइंस) से टकरा गया. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, टक्कर के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और वह समुद्र में पूरी तरह रुक गया. ईरान ने फिलहाल टैंकर का नाम या उसमें सवार चालक दल की संख्या की जानकारी नहीं दी है.
बिना अनुमति वाले रास्ते से गुजर रहा था टैंकर
IRGC के मुताबिक, टैंकर ऐसे समुद्री रास्ते से गुजर रहा था, जिसकी अनुमति नहीं थी. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले अन्य जहाजों को भी कार्रवाई की चेतावनी दी है. इससे पहले से तनावपूर्ण इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता और बढ़ गई है.
अमेरिका ने लारक द्वीप पर किया हमला
इसी बीच अमेरिका ने करीब एक महीने बाद ईरान के खिलाफ फिर सैन्य कार्रवाई की है. अमेरिकी सेना ने रविवार को होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया. अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के जवान होर्मुज स्ट्रेट में रॉकेट और समुद्री माइंस लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे.
ईरानी मीडिया ने अमेरिकी हमले में कई सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने की जानकारी दी है. हालांकि, इस संबंध में स्वतंत्र रूप से इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं हुई है.
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागने का दावा किया
अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया. ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने जॉर्डन में मौजूद दो अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. दावा है कि मिसाइलों का लक्ष्य एयरबेस का तकनीकी और मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर तथा लड़ाकू विमानों की तैनाती वाले इलाके थे.
हालांकि, अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्डन की एयर डिफेंस ने ईरानी मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया.
होर्मुज के बीच में स्थित है लारक द्वीप
लारक द्वीप ईरान के प्रमुख बंदरगाह बंदर अब्बास के नजदीक है और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के बीच में स्थित है. यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है. युद्ध से पहले दुनिया के इस्तेमाल होने वाले करीब 20 फीसदी तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आवाजाही इसी रास्ते से होती थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान लारक द्वीप के आसपास से गुजरने वाले टैंकरों की जांच कर रहा है. इसके अलावा जहाजों से होर्मुज स्ट्रेट पार करने के लिए 20 लाख डॉलर यानी करीब 19 करोड़ रुपये तक टैक्स वसूले जाने की बात भी सामने आई है.
अमेरिका ने हाल में हटाई थीं समुद्री बारूदी सुरंगें
अमेरिकी सेना ने पिछले सप्ताह होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने का अभियान पूरा करने का दावा किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मौजूद सुरंगों को हटा दिया गया है या निष्क्रिय कर दिया गया है.
ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई जहाज या नाव होर्मुज स्ट्रेट में नई समुद्री सुरंगें बिछाने की कोशिश करती है, तो उसे नष्ट कर दिया जाएगा. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी.
होर्मुज को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ बता चुके हैं ट्रंप
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले भी सामने आता रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 18 अगस्त को होर्मुज स्ट्रेट को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी इलाका बता चुके हैं. इसके बाद 23 अगस्त को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक ऐसी तस्वीर भी साझा की, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी इलाके के तौर पर दिखाया गया था.
सुपर टैंकर के समुद्री माइंस से टकराने और इसके बाद अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई के दावों ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है.
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