ईरानी जहाज IRIS Dena पर US हमले से मुर्दाघर फुल, श्रीलंका ने दूसरे शिप को किया रेस्क्यू, 208 की बची जान

Sri Lanka Iranian Ship IRIS Bushehr: श्रीलंका ने ईरान के जहाज आईरिस बुशहर का कंट्रोल ले लिया है. इस जहाज पर 208 नाविक सवार थे. अमेरिकी हमले के डर से ईरानी जहाज ने डॉकिंग की परमिशन मांगी थी, जिसके बाद श्रीलंका ने यह फैसला लिया. इससे पहले यूएस टॉरपीडो अटैक की वजह से IRIS Dena तबाह हो गया और इसमें कम से कम 84 लोगों की जान चली गई.

Sri Lanka Iranian Ship IRIS Bushehr: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनावपूर्ण संघर्ष के बीच हिंद महासागर क्षेत्र में भी हालात तेजी से संवेदनशील होते जा रहे हैं. हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद समुद्री गतिविधियां भी युद्ध के दायरे में आने लगी हैं. इसी कड़ी में अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को निशाना बनाए जाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है. श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हुए इस टॉरपीडो हमले में कम से कम 84 ईरानी नाविकों की मौत हो गई. इस घटना के एक दिन बाद श्रीलंका ने एक अन्य ईरानी नौसैनिक पोत को अपने नियंत्रण में लेकर उसके चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने गुरुवार को टेलीविजन संबोधन में बताया कि श्रीलंकाई नौसेना ने ईरानी पोत आईरिस बुशहर (IRIS Bushehr) से 208 नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया है. यह जहाज इंजन में खराबी के कारण श्रीलंका के बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति मांग रहा था. राष्ट्रपति दिसानायके ने स्पष्ट किया कि श्रीलंका इस संघर्ष में किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि देश अपनी तटस्थ नीति बनाए रखते हुए केवल मानवीय आधार पर कार्रवाई कर रहा है.

जान बचाना हमारी प्राथमिकता- श्रीलंकाई प्रेसिडेंट

राष्ट्रपति के मुताबिक, यह पोत हाल ही में पूर्वी भारत में आयोजित एक नौसैनिक अभ्यास में शामिल हुआ था. उसी अभ्यास में IRIS Dena भी शामिल रहा था, जिस पर बुधवार को टॉरपीडो हमला हुआ. श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास हुए इस हमले में दर्जनों नाविकों की जान चली गई और कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘हम किसी का पक्ष नहीं ले रहे हैं, लेकिन लोगों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता है. इस तरह के युद्ध में किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं होनी चाहिए. हर जीवन समान रूप से कीमती है.’

त्रिंकोमाली ले जाया गया बुशहर

राष्ट्रपति के अनुसार, IRIS Bushehr को देश के मुख्य बंदरगाह कोलंबो पोर्ट के पास देखा गया था. हालांकि संभावित सुरक्षा जोखिम, व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही में बाधा और बीमा लागत बढ़ने की आशंका को देखते हुए उसे वहां लंगर डालने की अनुमति नहीं दी गई. इसके बजाय जहाज को उत्तर-पूर्वी बंदरगाह शहर त्रिंकोमाली ले जाने का फैसला किया गया, जिसे इस स्थिति को संभालने के लिए अधिक उपयुक्त माना जा रहा है.

IRIS Dena के मृतकों की वजह से मुर्दाघर पर दबाव

इस बीच दक्षिणी बंदरगाह शहर गाले में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है. यहीं पर IRIS Dena हमले में मारे गए 84 ईरानी नाविकों के शव लाए गए हैं. स्थानीय मुर्दाघर में एक समय में केवल लगभग 25 शव रखने की क्षमता है, इसलिए अस्पताल प्रशासन अस्थायी रूप से रेफ्रिजरेटेड शिपिंग कंटेनर लगाने की तैयारी कर रहा है ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक शवों को सुरक्षित रखा जा सके. नौसेना के प्रवक्ता बुद्धिका संपत ने बताया कि लापता नाविकों की तलाश अभी भी जारी है. पहले श्रीलंका ने कहा था कि जहाज पर लगभग 180 लोग सवार थे. हालांकि, ईरान ने इस संख्या को करीब 130 बताया था.

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कुछ के टूटे हाथ-पैर, कुछ जले

घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है. चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, बचाए गए 32 ईरानी नाविक अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं. उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस और विशेष कमांडो तैनात किए गए हैं. कई नाविकों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ के हाथ-पैर टूटे हैं और कुछ को जलने की चोटें भी लगी हैं. मानवीय सहायता के लिए इंटरनेशनल रेड क्रॉस समिति सक्रिय हो गया है. संगठन के अधिकारियों ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि घायल और जहाज दुर्घटना से प्रभावित सभी लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके.

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ईरान ने बदला लेने की खाई कसम

इस हमले को लेकर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि इस कार्रवाई के लिए वाशिंगटन को ‘कड़वा पछतावा’ करना पड़ेगा. ईरान ने इसके बाद मिडिल ईस्ट के देशों में अमेरिकी हितों वाली बिल्डिंग्स को निशाना बनाते हुए लगभग 20 जगहों पर हमला किया है. वहीं ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसने उत्तरी फारस की खाड़ी में एक यूएस टैंकर को निशाना बनाया है. हालांकि, अभी इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है. 

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