Iran-US Tensions: ईरान के उप राष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) की सुरक्षा मुफ्त में नहीं मिलने वाली है. आरिफ के मुताबिक, दुनिया यह उम्मीद नहीं कर सकती कि एक तरफ ईरान के तेल एक्सपोर्ट पर पाबंदियां लगाई जाएं और दूसरी तरफ ईरान सबकी समुद्री सुरक्षा की गारंटी देता रहे. उन्होंने साफ कर दिया कि अगर ईरान पर दबाव जारी रहा, तो इसका असर पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट पर पड़ेगा.
दुनिया को झेलनी पड़ सकती है तेल की महंगाई
मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा कि ग्लोबल लेवल पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों को काबू में रखने के लिए ईरान और उसके सहयोगियों पर दबाव डालना बंद करना होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अब दुनिया के सामने दो ही रास्ते हैं: या तो सभी के लिए फ्री ऑयल मार्केट हो, या फिर हर कोई भारी नुकसान झेलने के लिए तैयार रहे. ईरान ने संकेत दिया है कि तेल की कीमतों में स्थिरता तभी आएगी जब उस पर लगे आर्थिक और सैन्य प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म किया जाएगा.
समुद्र में अमेरिकी कार्रवाई पर भड़का ईरान
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब ईरान ने पुष्टि की कि ओमान सागर में अमेरिका ने उसके एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया है. ईरान के हजरत खातम अल-अंबिया मिलिट्री हेडक्वार्टर ने सरकारी मीडिया के जरिए अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने और ‘समुद्री डकैती’ करने का आरोप लगाया है. ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि वे अमेरिकी सेना की इस हरकत का जल्द ही करारा जवाब देंगे और इसका बदला लेंगे.
CENTCOM ने जहाज को पकड़ने की दी जानकारी
दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान जारी कर बताया कि 19 अप्रैल को अरब सागर में अमेरिकी सेना ने ईरान के ‘टूस्का’ (TOUSKA) नाम के मालवाहक जहाज को रोका और उसे अपने कब्जे में ले लिया. CENTCOM के अनुसार, यह जहाज अमेरिकी नौसेना की घेराबंदी को तोड़कर ईरानी बंदरगाह की तरफ जाने की कोशिश कर रहा था. चेतावनी के बावजूद जहाज नहीं रुका, जिसके बाद अमेरिकी गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ‘यूएसएस स्प्रून्स’ ने जहाज के इंजन रूम पर फायरिंग कर उसे बेकार कर दिया.
डोनाल्ड ट्रंप ने जहाज को कस्टडी में बताया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाज को पूरी तरह अपनी कस्टडी में ले लिया है. उनके अनुसार, ओमान की खाड़ी में घेराबंदी तोड़ने की कोशिश के दौरान इसे पकड़ा गया. फिलहाल, ईरान ने अमेरिका के उन दावों को भी झूठा बताया है जिनमें फिर से बातचीत शुरू होने की बात कही जा रही थी. ईरान का आरोप है कि वॉशिंगटन सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ाकर तनाव को जानबूझकर हवा दे रहा है.
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