Israel Ancient Cistern: इस 2500 साल पुरानी टंकी का इस्तेमाल बच्चों को दफनाने के लिए एक बड़े कब्रिस्तान की तरह किया जा रहा था. इस खोज की पूरी जानकारी मार्च 2026 में ‘पैलेस्टाइन एक्सप्लोरेशन क्वार्टरली’ नाम की रिपोर्ट में पब्लिश हुई है.
89 बच्चों के मिले अवशेष
तेल अवीव यूनिवर्सिटी और हीडलबर्ग यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने इस टंकी (सिस्टर्न 12/F518) से करीब 68 से 89 छोटे बच्चों के कंकाल बरामद किए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से 90% बच्चों की उम्र 5 साल से कम थी और 70% बच्चे तो 2 साल के भी नहीं थे. तेल अवीव यूनिवर्सिटी की हिला मे ने हड्डियों की जांच के बाद बताया कि ये बच्चे फारसी साम्राज्य (5th Century BCE) के समय के हैं और इन्हें कई सालों तक यहां दफनाया गया था.
दूध पीने वाले बच्चों के लिए अलग नियम
रिसर्च में एक समाजशास्त्रीय थ्योरी सामने आई है. उस समय समाज में उन बच्चों को ‘स्वतंत्र इंसान’ का दर्जा नहीं मिलता था, जो मां का दूध पीना नहीं छोड़ते थे. इसी वजह से मरने के बाद उन्हें बड़ों के पारिवारिक मकबरों में जगह नहीं दी जाती थी. दूध पीने की उम्र पार न कर पाने के कारण इन बच्चों को एक ही जगह पर दफना दिया जाता था. यह खोज बताती है कि उस दौर में इंसान होने की परिभाषा और रस्मों का क्या मतलब था.
कब्र में मिले गहने और बर्तन
भले ही यह एक ‘सामूहिक कब्र’ थी, लेकिन बच्चों को दफनाने में पूरी संवेदनशीलता दिखाई गई थी. खुदाई करने वाली टीम को वहां से फारसी काल के मिट्टी के बर्तन, मोतियों वाले गहने, धातु की अंगूठियां, कान के छेद वाले आभूषण और कंगन मिले हैं. ये चीजें साबित करती हैं कि बच्चों को उनके निजी सामान और भेंट के साथ विदा किया गया था. ये अवशेष ये भी बताते हैं कि ये मौतें किसी युद्ध या बीमारी की वजह से नहीं हुई थीं, बल्कि यह एक लंबे समय तक चलने वाली परंपरा थी.
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