शनिवार (18 अप्रैल) को ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनमें ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को हमेशा के लिए खुला रखने पर सहमति दे दी है. ईरान ने बेहद मजाकिया और तीखे अंदाज में ट्रंप के बयानों का जवाब देते हुए उन्हें हकीकत से दूर बताया है.
ईरानी दूतावास का ट्रंप पर तंज: ‘बीबी को ब्लॉक करो और चैन से सो जाओ’
जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप को टैग करते हुए लिखा कि वह ज्यादा खुश न हों और अपनी गरिमा बनाए रखें. दूतावास ने ट्रंप को चार सुझाव दिए:
- ज्यादा उत्साह न दिखाएं और थोड़ी प्रतिष्ठा रखें.
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नए कानूनी नियमों के बारे में सोचना छोड़ दें, इसे हम खुद ठीक कर लेंगे.
- अपना फोन बंद करें, पोस्ट डालना बंद करें और एक हफ्ते के लिए ‘बीबी’ (बेंजामिन नेतन्याहू) को ब्लॉक कर दें.
- हल्का डिनर करें और चैन की नींद सोएं.
ट्रंप का दावा: ईरान ने मान ली हैं सारी शर्तें
यह पूरा विवाद ट्रंप के शुक्रवार को किए गए दावों के बाद शुरू हुआ. ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा था कि ईरान अब कभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं करेगा और न ही इसे हथियार की तरह इस्तेमाल करेगा. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान अपना ‘न्यूक्लियर डस्ट’ (न्यूक्लियर कचरा या सामग्री) अमेरिका को सौंप देगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका की मदद से ईरान समुद्र से बारूदी सुरंगें (माइन्स) हटा रहा है. ट्रंप ने इसे दुनिया के लिए एक शानदार दिन बताया था.
ईरान ने दावों को बताया गलत
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने ट्रंप के इन दावों पर पलटवार किया. गालिबफ के अनुसार, ट्रंप ने एक घंटे के भीतर सात झूठे दावे किए हैं. उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी जैसे कदम उठाता है, तो ईरान के पास इस समुद्री रास्ते को बंद करने का विकल्प हमेशा खुला रहेगा. ईरान ने न्यूक्लियर सामग्री अमेरिका को सौंपने की बात से भी साफ इनकार कर दिया है.
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पाकिस्तान में एक बार फिर हो सकती है शांति वार्ता
ट्रंप ने अपने बयानों में यह भी स्पष्ट किया था कि जब तक ईरान के साथ पूरी डील (100% ट्रांजेक्शन) नहीं हो जाती, तब तक ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसेना द्वारा की जा रही घेराबंदी जारी रहेगी. हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को केवल इजरायल-लेबनान युद्धविराम के मद्देनजर व्यापारिक जहाजों के लिए खोला गया है, न कि किसी अमेरिकी दबाव या स्थायी समझौते के तहत. पाकिस्तान में होने वाली संभावित शांति वार्ता से पहले दोनों देशों के बीच यह जुबानी जंग तनाव को और बढ़ा रही है.
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