Satellite Garbage In Space : जापान पहला देश होगा जो लकड़ी से बनी सैटेलाइट अंतरिक्ष भेजेगा, पढ़े क्या है पूरी योजना

अब अंतरिक्ष में ऐसे सेटेलाइट भेजने की तैयारी हो रही है जो लकड़ी से बना होगा. वापस आते वक्त धरती दाखिल होते ही यह पूरी तरह जल जायेगा जिससे कोई मलबा तैयार नहीं होगा और अंतरिक्ष सुरक्षित रहेगा. जापान इस नये सेटेलाइट पर काम कर रहा है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 1, 2021 6:57 PM

अब अंतरिक्ष में ऐसे सेटेलाइट भेजने की तैयारी हो रही है जो लकड़ी से बना होगा. वापस आते वक्त धरती दाखिल होते ही यह पूरी तरह जल जायेगा जिससे कोई मलबा तैयार नहीं होगा और अंतरिक्ष सुरक्षित रहेगा. जापान इस नये सेटेलाइट पर काम कर रहा है.

कैसे बनेगा लकड़ी से सेटेलाइट

जापान इस पर लंबे समय से शोध कर रहा है. ऐसा सेटेलाइट बनाने की योजना है जिससे ज्यादा मलबा तैयार ना हो और अंतरिक्ष में ज्यादा कचरा जमा ना हो. इसे तैयार करने के लिए ऐसी लकड़ी पर शोध हो रहा है जो तापमान में होने वाले बदलाव और सूरज की प्रतिरोधक क्षमता से लैसे हो. इस तरह का पहला अनोखा प्रोजेक्ट है. अगर जापान इसे तैयार करने में सफल होता है तो यह तकनीक पूरी दुनिया के काम आ सकती है.

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क्यो पड़ रही है इसकी जरूरत

अंतरिक्ष में दिन प्रतिदिन बढ़ता कचरा खतरा बन सकता है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के मुताबिक 5 लाख से ज्यादा मलबे के टुकड़े हमारी धरती के चक्कर काट रहे हैं. इनमें से कई तेजी से घूम रहे हैं. कई विशेषज्ञों ने यह भी माना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्पेश स्टेशन को भी खतरा हो सकता है.

कितना खतरनाक है अंतरिक्ष का मलबा

जापान की क्योटा यूनिवर्सिटी और कंस्ट्रक्शन कंपनी सुमितोमो वानिकी दो सालों तक इस पर शोध करेगी और साल 2023 तक इस समस्या का सामाधान निकालने की कोशिश करेगी इस के तहत लकड़ी की सैटेलाइट पर काम हो रहा है. जापान के ऐस्ट्रोनॉट और यूनिवर्सिटी प्रफेसर तकाओ दोई का भी मानना है कि यह बड़ी समस्या है.

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दुनिया भर के कई सैटेलाइट अंतरिक्ष से धरती वापस लौटते हैं धरती में वापस लौटते वक्त यह जल जाते हैं इनका मलबा वायुमंडल में घूमता रहता है जो अब एक बड़ा खतरा बनकर सामने आ रहा है. ये टूकड़े 17,500 मील प्रतिघंटा की रफ्तार तक हासिल कर लेते हैं. अदाजा लगाया जा सकता है कि अंतरिक्ष में बढ़ता मलबा कितना खतरनाक हो सकता है.

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