यूक्रेन: अमेरिका का दावा, फॉल्स फ्लैग अटैक कर दुनिया को झांसे में रख सकता है रूस, कभी भी हमला कर सकता है

यूक्रेन हमला: रूस की सेना यूक्रेन बॉर्डर पर खड़ी है. किसी भी समय दोनों देशों के बीच विनाशकारी युद्ध छिड़ सकता है. इस बीच अमेरिका ने दावा किया है कि रूस यूक्रेन पर फॉल्स फ्लैग अटैक कर सकता है.

रूस की सेना यूक्रेन बॉर्डर पर खड़ी है. किसी भी समय दोनों देशों के बीच विनाशकारी युद्ध छिड़ सकता है. इस बीच अमेरिका ने दावा किया है कि रूस यूक्रेन पर फॉल्स फ्लैग अटैक कर सकता है. बता दें, अमेरिकी अधिकारी पिछले कुछ हफ्तों से कई बार आगाह कर चुके हैं कि रूस ऐसी योजना बना रहा है कि उसकी सेना पर हमला होता दिखे और वह इसकी तस्वीरें दुनिया को दिखा सके.

अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि रूस ‘फॉल्स फ्लैग’ के बहाने यूक्रेन पर हमला कर सकता है. दरअसल, ‘फॉल्स फ्लैग’ एक ऐसी सैन्य कार्रवाई होती है जहां पर एक देश छिपकर, जानबूझकर स्वयं की संपत्ति, इंसानी जान को नुकसान पहुंचाता है जबकि दुनिया के सामने वह यह बताता है कि उसके दुश्मन देश ने ऐसा किया है. इसकी आड़ में ऐसा करने वाला देश अपने शत्रु देश पर हमला कर देता है.

Also Read: Ukraine Russia Conflict: दूतावास ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिक और छात्र जल्द छोड़ दें यूक्रेन

गौरतलब है कि पूर्वी यूक्रेन में गोलाबारी और रूस के परमाणु अभ्यास के बाद दोनों देशों में तनाव काफी बढ़ गया है. दोनों देशों के बीच हालात अब खतरनाक होते दिख रहे हैं. जहां पूर्वी यूक्रेन में सेना और रूस समर्थक विद्रोहियों के बीच गोलाबारी जारी है, वहीं 200 रूसी टैंक और रॉकेट लॉन्चर यूक्रेन की सीमा से मात्र पांच किमी दूर तक पहुंच गये हैं.

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने पुतिन को दिया बातचीत का प्रस्ताव: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बैठक करके संकट का हल निकालने का प्रस्ताव दिया है. जेलेंस्की ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा कि मैं नहीं जानता कि रूस के राष्ट्रपति क्या चाहते हैं. इसलिए, मैं उन्हें मुलाकात का प्रस्ताव देता हूं. रूस बातचीत के लिए स्थान का चयन कर सकता है. वहीं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने रविवार को कहा कि बड़ा सवाल यह है कि क्या रूस बातचीत करना चाहता है?

पूर्वी यूक्रेन से हजारों लोगों को निकाला गया: अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने रविवार को यूरोप में ‘युद्ध की वास्तविक आशंका’ को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद से यूरोप अपने सबसे खतरनाक दौर में पहुंच सकता है. उन्होंने कहा कि यदि क्रेमलिन अपने पड़ोसी पर आक्रमण करता है, तो उस पर आर्थिक दंड लगाने के लिए एकजुट होना चाहिए. इस बीच, हैरिस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति, यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष, नाटो के महासचिव, तीन बाल्टिक देशों के नेताओं और जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्स से मुलाकात की. इसके पहले, ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा था कि रूस, यूरोप में 1945 के बाद सबसे बड़ी जंग की तैयारी कर रहा है.

Posted by: Pritish Sahay

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >