Prince Charles: किंग चार्ल्स बिना पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस करेंगे यात्रा, मिलेंगी ये सारी सुविधायें

1 / 1
Prince Charles: किंग चार्ल्स बिना पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस करेंगे यात्रा, मिलेंगी ये सारी सुविधायें
फुल स्क्रीन में देखें

LONDON: From left, Britain’s Prince William, Camilla, the Queen Consort and King Charles III, before Privy Council members in the Throne Room during the Accession Council at St James’s Palace, London, Saturday, Sept. 10, 2022, where King Charles III is formally proclaimed monarch.AP/PTI Photo(AP09_10_2022_000125B)

किंग चार्ल्स तृतीय को ब्रिटेन के महाराज बनने के साथ उन्हें कई सारी सुविधायें मिलेंगी. किंग चार्ल्स राजा का पदभार संभालने के साथ बिना डाइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट की यात्रा कर सकेंगे. क्योंकि इसमें राजा की ही तस्वीर होती है. वैसे में वो कहीं भी यात्रा कर सकेंगे.

किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) को एक्सेशन काउंसिल के एक ऐतिहासिक समारोह में ब्रिटेन का नया महाराज घोषित किया गया. उनकी मां एवं महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का बृहस्पतिवार को निधन हो जाने के बाद 73 वर्षीय पूर्व प्रिंस ऑफ वेल्स की ताजपोशी की गई है. लंदन के सेंट जेम्स पैलेस में ताजपोशी की औपचारिक घोषणा करने और उनके शपथ ग्रहण के लिए आयोजित किया गया. किंग चार्ल्स तृतीय अपनी पत्नी, क्वीन कॉन्सर्ट कैमिला तथा अपने बेटे एवं उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम के साथ समारोह में शरीक हुए. प्रिंस विलियम नये प्रिंस ऑफ वेल्स हैं.

किंग चार्ल्स तृतीय को ब्रिटेन के महाराज बनने के साथ उन्हें कई सारी सुविधायें मिलेंगी. किंग चार्ल्स राजा का पदभार संभालने के साथ बिना डाइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट की यात्रा कर सकेंगे. क्योंकि इसमें राजा की ही तस्वीर होती है. वैसे में वो कहीं भी यात्रा कर सकेंगे.

किंग चार्ल्स का दो बार जन्मदिन मनाया जाएगा. जैसा की उनकी मां महारानी एलिजाबेथ का मनाया जाता था. एलिजाबेथ का जन्मदिन एक बार निजी समारोह में मनाया जाता था, दूसरी बार सार्वजनिक समारोह में मनाया जाता था. सार्वजनिक समारोह में सैन्य परेड भी होते हैं, जिसमें 1400 से अधिक सैनिक, 200 घोड़े और 400 से अधिक संगीतकार होते हैं.

ब्रिटेन के राजा मतदान नहीं करते हैं और न ही वो किसी चुनाव में उम्मीदवार खड़े हो सकते हैं. क्योंकि वो देश के सर्वोच्च अधिकारी होते हैं.

ब्रिटेन के राजा ने केवल लोगों पर शासन करते हैं, बल्कि इंग्लैंड और वेल्स में खुले पानी में तैरते हंसों को भी महाराजा की संपत्ति माना जाता है. हर साल टेम्स नदी में हंसों को गिनने की परंपरा रही है. ब्रिटिश जल में स्टर्जन, डॉल्फिन और व्हेल पर भी लागू होता है.

ब्रिटेन के महाराजा को गंभीर संवैधानिक सकंट में अपनी विशेषाधिकार शक्तियों का प्रयोग करने की अनुमति है. हालांकि अबतक ऐसी नौबत नहीं आयी है.

ब्रिटेन में कोई भी कानून तब बनता है, जब उसमें किंग की स्वीकृति मिल जाती है. पहले दोनों सदनों में बिल को पारित किया जाता है, तब उसके बाद उसे स्वीकृति के लिए महाराजा के पास भेजा जाता है. किंग की स्वीकृति के बाद कानून बनता है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >