Video : PoK में पाकिस्तान का अत्याचार! लोग बोले- अब सिर्फ भारत ही बचा सकता है

Video : पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK में पाकिस्तान का अत्याचार बढ़ता जा रहा है. पिछले महीने से PoK में पाकिस्तानी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. पिछले हफ्ते ईदगाह मैदान में हुई एक बड़ी रैली में लोगों ने PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है… जैसे नारे लगाए.

Video : PoK में जारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान ने भारत से मदद की अपील की है. उनका आरोप है कि प्रदर्शनों पर सख्ती के बाद पाकिस्तान ने पूरे इलाके की आर्थिक नाकेबंदी कर दी है, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने भारत से मानवीय सहायता भेजने और नियंत्रण रेखा (LoC) पर सीमा खोलने की मांग की. उनका कहना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो लोगों को भारत आने का विकल्प मिलना चाहिए.

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सरदार अमन कहते नजर आ रहे हैं कि हमें भारत की मदद चाहिए. यहां राशन की भारी कमी है और हमें आपकी मदद की जरूरत है. उनका दावा है कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई तेज होने के बाद PoK में खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की कमी हो गई है, जिससे लोगों के सामने मानवीय संकट खड़ा हो गया है. रावलाकोट के ईदगाह मैदान में हुई एक बड़ी सभा में खान ने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें नियंत्रण रेखा (LoC) की ओर बढ़ना चाहिए. इस पर वहां मौजूद लोगों ने जोरदार आवाज में जवाब दिया, “हां, आगे बढ़ो…” आप भी देखें ये वीडियो जिसे OsintTV @OsintTV ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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