पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड में लहराया 25 साल पुराना मफलर: अपनों के बीच हुए भावुक, कहा- आज भी संभालकर रखा हूं

PM Modi New Zealand Visit : भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है और पूरे विश्व की नजरें इसपर है. पीएम मोदी ने ऑकलैंड में आयोजित प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रम में भारत की उपलब्धियों की चर्चा की. उन्होंने कहा कि भारत के लिए किसी देश की आबादी का आकार नहीं, बल्कि अपने लोगों के कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता मायने रखती है.

PM Modi New Zealand Visit : ऑकलैंड में आयोजित एक कम्युनिटी इवेंट में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे इस यात्रा की सफलता पर पूरा भरोसा है. यह भरोसा मोदी की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए है कि आप सभी इसके सच्चे नाविक हैं. उन्होंने भारतीय समुदाय का अभिनंदन करते हुए कहा कि मैं यहां 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं. प्रवासी भारतीयों के सामने उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड संबंध सुखद स्मृतियों, मित्रता, साझा मूल्यों और प्रतिबद्धता पर आधारित हैं.

मैं 25-30 साल पहले न्यूजीलैंड आया था : पीएम मोदी

प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरा पहला न्यूजीलैंड दौरा हो सकता है, लेकिन 25-30 साल पहले, जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था,मुझे न्यूजीलैंड आने का मौका मिला था. उस समय, किसी ने मुझे तीन चीजें गिफ्ट में दीं, जिन्हें मैं अपने साथ इंडिया ले गया था. यह मफलर जो मैंने पहना है और एक कैप और एक जोड़ी ग्लव्स. मैं आज उनमें से एक चीज इस इवेंट में लाया हूं. मैंने इन सालों में इसे कई बार इस्तेमाल किया और मैं आज भी इसका ध्यान रखता हूं, ठीक वैसे ही जैसे मैं आपके प्यार का ध्यान रखता हूं.


न्यूजीलैंड के हर कोने में फैले हैं भारतीय

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑकलैंड से वेलिंगटन तक, क्राइस्टचर्च से क्वीन्सटाउन तक, न्यूजीलैंड के हर कोने में फैली इंडियन कम्युनिटी इस साझा सफर का एक जरूरी हिस्सा है. मैं अपने दोस्त प्राइम मिनिस्टर क्रिस्टोफर लक्सन, न्यूजीलैंड सरकार के सभी साथियों और यहां मौजूद लेबर पार्टी के सदस्यों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा. इंडिया-न्यूजीलैंड रिश्तों के लिए दोनों पार्टियों का सपोर्ट है.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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